मौत से पहले ही जारी कर दिया मृत्यु प्रमाणपत्र,
सिंगहां गांव के ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस
गोरख की संपत्ति पर दावा कर रहे पट्टीदार
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के एक गांव में ग्राम पंचायत सचिव की ओर से मृत्यु के एक माह पहले ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बीडीओ ने सचिव को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। मामला तब खुला, जब पट्टीदारों की तरफ से संपत्ति पर दावा प्रस्तुत किया गया और तहसीलदार ने बीडीओ को इस बाबत पत्र भेजा।
सिंगहां निवासी गोरख राय का मृत्यु प्रमाणपत्र आठ सितंबर 2020 को जारी करने के मामले में बीडीओ ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव कन्हैया मौर्या को नोटिस भेजा है। नोटिस में लिखा है कि गोरख राय को नौ नवंबर 2020 के पहले ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। जबकि मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने के बाद गोरख ने 14 सितंबर 2020 को बैंक से नकद धनराशि की निकासी की है। इसके अलावा 11 सितंबर 2020 को रजिस्ट्री आफिस में भूमि का बैनामा किया है। इसे गंभीरता से लेते हुए बीडीओ ने सचिव को राज्य कर्मचारी आचरण नियमों के विपरीत कार्य करने का दोषी मानते हुए साक्ष्यों के साथ स्पष्टीकरण देने को कहा है। जवाब नहीं देने की दशा में कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करना मानकर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विभाग को कार्रवाई करने का नोटिस जारी किया है। इस संबंध में बीडीओ नेबुआ नौरंगिया विवेकानंद मिश्र का कहना है कि तहसीलदार के पत्र और साथ में मौजूद साक्ष्य के आधार पर नोटिस जारी की गई है। समयावधि के अंदर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करते हैं तो सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बीडीओ ने बताया कि गोरख राय का अपना कोई नहीं था। नौ नवंबर 2020 को उनकी मृत्यु के बाद पट्टीदार उनकी संपत्ति पर दावा कर रहे हैं। उसके बाद तहसीलदार की तरफ से उन्हें इस मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया गया था। जांच के बाद सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।