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शिमला: कच्चीघाटी में खतरा बरकरार, कभी भी ढह सकते हैं पांच मंजिला दो भवन

Fri, 01 Oct 2021 06:35 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि राजधानी की कच्ची घाटी में बहुमंजिला इमारत ढहने के मामले की जांच रिपोर्ट दस दिन में तलब कर ली है। मंत्री ने कहा कि यह हादसा किन कारणों से हुआ यह राजस्व विभाग के अधिकारी जांच करके विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को देंगे।     
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कच्चीघाटी में खतरा बरकरार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कच्चीघाटी इलाके में खतरा बरकरार है। यहां हाइवे के समीप अनसेफ हुए पांच-पांच मंजिला दो बड़े भवन कभी भी ढह सकते हैं। इनके अलावा नाले के समीप बना चार मंजिला भवन को भी खतरा है। इन सभी को शुक्रवार को खाली करवा दिया गया है। इलाके में भूस्खलन होने के कारण सात मंजिला भवन समेत कुल चार भवन ध्वस्त हो चुके हैं। जो भवन खड़े हैं, लोग उन्हें तोड़ने की मांग कर रहे हैं।

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इनसे आसपास के दूसरे भवनों को भी खतरा है। शुक्रवार को कई फ्लैट से सामान भी बाहर निकाला गया। लोग नुकसान के लिए सरकार से मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं। उधर, राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि राजधानी की कच्ची घाटी में बहुमंजिला इमारत ढहने के मामले की जांच रिपोर्ट दस दिन में तलब कर ली है। मंत्री ने कहा कि यह हादसा किन कारणों से हुआ यह राजस्व विभाग के अधिकारी जांच करके विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को देंगे।
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चार भवन हो चुके हैं ध्वस्त
कच्चीघाटी में चार भवन हो चुके हैं जमींदोज। सात मंजिला भवन के ठीक नीचे निर्मला भट्ठ का दो मंजिला मकान था जो भवन ढहने से मलबे में बदल गया। एक सिंगल स्टोरी मकान भी टूट गया। नाले के पास बने तीन मंजिला भवन नींव खिसकने से टेढ़ा होकर साथ लगते चार मंजिला चौहान कॉटेज पर टिक गया है।

बड़े भवन अनसेफ, खाली करवाए
हाईवे के पास बने पांच मंजिला पूजा कॉटेज, पांच मंजिला हरि पैलेस भवन अनसेफ हो गए हैं। इन्हें खाली करवा दिया है। बारिश का पानी न रिसे, इसके लिए इनकी नींव पर तिरपाल लगा दिए गए हैं। नाले के पास बना चार मंजिला चौहान कॉटेज भी दूसरे भवन पर गिरने से अनसेफ हो गया है।

दरक रही पहाड़ी, बिजली, पेयजल लाइनें टूटीं
पहाड़ी पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। साथ लगते मकानों के लिए बनी सीढ़ियों पर भी दरारें पड़ चुकी हैं। भूस्खलन से रास्ते समेत कई बिजली के खंभे और पेयजल लाइनें भी टूट गई हैं।

17 परिवारों समेत दर्जनों किरायेदार शिफ्ट
ढहे चुके और अनसेफ हुए भवनों से 17 परिवारों को शिफ्ट किया है। इनमें से कुछ अपने दूसरे आवास पर चले गए हैं तो कई रिश्तेदार या किराये के मकान में ठहरने को मजबूर हैं। इसके अलावा साथ लगते भवनों में रहने वाले कई किरायेदार भी भूस्खलन के डर से यहां से शिफ्ट होना शुरू हो गए हैं।
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मौके पर पहुंचे पार्षद, व्यापार मंडल के नेता
लोगों की मदद के लिए भाजपा पार्षद किरण बावा, विवेक शर्मा भी दोपहर के समय मौके पर पहुंचे। लोगों का सामान शिफ्ट करने में मदद की। शिमला व्यापार मंडल अध्यक्ष हरजीत मंगा ने भी लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए।

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