एपी बांध पर बने ठोकर के क्षतिग्रस्त हिस्से की कराई गई मरम्मत
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। बाघाचौर गांव के नोनियापट्टी टोला के निकट एपी बांध के क्षतिग्रस्त ठोकर की मरम्मत का कार्य शनिवार को बाढ़ खंड के अभियंताओं ने पूरा कर लिया। खतरा टलने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
गंडक नदी में पानी का बहाव सवा लाख से डेढ़ लाख क्यूसेक के बीच होने के बावजूद नोनियापट्टी में एपी बांध के किलोमीटर 12.860 पर बने ठोकर पर नदी का दबाव बना हुआ है। गंडक नदी कचहरी टोला के रिहायशी क्षेत्र से भी सटकर बह रही है। इससे वहां भी कटान का खतरा बना हुआ है। हालांकि किलोमीटर 12.860 पर बने ठोकर के डाउन स्ट्रीम में गंडक नदी के बैकरोलिंग करने के चलते कटान शुरू हो जाने से बृहस्पतिवार को ठोकर का 15 मीटर और शुक्रवार को ठोकर का 30 मीटर हिस्सा नदी में विलीन हो गया था। उसकी मरम्मत का कार्य शनिवार को पूरा करा लिया गया।
इसके पहले भी गंडक नदी वर्तमान मानसून सत्र में इस ठोकर को दो बार भारी नुकसान पहुंचा चुकी है, जिसे बाद में दुरुस्त भी कराया जा चुका है। बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, जेई राकेश कुमार व जेई राजेश कुमार सिंह की देखरेख में यह कार्य शनिवार को पूरा कराया गया। ठोकर के क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत हो जाने पर एपी बांध के किनारे बसे नोनियापट्टी, बाकखास, बाघाचौर, सिसवा नाहर, बिरवट कोंहवलिया सहित अन्य कई गांवों के दीनानाथ सिंह, कृष्णा निषाद, पप्पू सिंह, राकेश कुमार, नागेंद्र सिंह, बृजकिशोर साहनी, संजय सिंह, मुकेश कुमार आदि का कहना है कि ठोकर की मरम्मत हो जाने से फिलहाल खतरा टल गया है। फिर भी बरसात का लगभग दो माह बाकी है। ऐसे में सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम के साथ चौकसी बरतना जरूरी है। अन्यथा नदी में पानी का जलस्तर बढ़ने पर कभी भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि ठोकर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा ली गई है। बांध की सुरक्षा को लेकर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।