पेराई सत्र भी बंद, नहीं हुआ किसानों का भुगतान
कप्तानगंज चीनी मिल ने मौजूदा पेराई सत्र में 51.79 करोड़ रुपये का गन्ना पेरा
कप्तानगंज(कुशीनगर)। कप्तानगंज चीनी मिल ने फरवरी में ही पेराई सत्र बंद कर दिया। 51.79 करोड़ रुपये की गन्ना पेरने वाली इस चीनी मिल ने अब तक एक रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को नहीं किया है। इससे किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। वे बेटे-बेटियों की शादी, पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
पेराई सत्र 2021-22 में कप्तानगंज चीनी मिल ने किसानों से 51 करोड़ 79 लाख रुपये का गन्ना खरीदा था। क्षेत्र का गन्ना पेरने के बाद चीनी मिल ने फरवरी में सत्रावसान कर दिया था। करीब तीन माह बाद भी चीनी मिल ने किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। कप्तानगंज केन यूनियन के कमीशन का 25 लाख 76 हजार रुपये भी बाकी है।
इसके अलावा लक्ष्मीगंज, खड्डा, छितौनी और घुघली के केन यूनियन को मिला दिया जाए तो कप्तानगंज चीनी मिल पर 81 लाख 60 हजार रुपये बकाया है। इस तरह चीनी मिल पर किसानों और समितियों का कुल बकाया 52 करोड़ 60 लाख छह हजार रुपये है। चीनी मिल के पास चीनी और सीरा मिलाकर कुल तीन करोड़ 98 लाख 76 हजार रुपये का स्टॉक गोदाम में है।
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चीनी मिल पर करीब एक लाख रुपये बकाया है। रकम न मिलने के कारण बुजुर्ग पिता का इलाज कराने में दिक्कत आ रही है।
परमजीत सिंह, किसान, पटखौली
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70 हजार रुपये चीनी मिल पर बकाया है। चीनी मिल के अधिकारी किसानों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दीनानाथ शुक्ला, किसान, पटखौली
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चीनी मिल की गलत नीतियों के चलते परिक्षेत्र के किसान परेशान हैं। चीनी मिल पर 35 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। रुपये न मिलने से परिवारवालों की आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पा रही है।
योगेंद्र सिंह, कोटवा
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चीनी मिल पर गन्ना मूल्य का 90 हजार रुपये बकाया है। रुपये समय से न मिलने के कारण बच्चों को पढ़ाना तो दूर, परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
दिनेश यादव, बभनौली
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कोट
कप्तानगंज चीनी मिल के पास चीनी और सीरा मिलाकर तीन करोड़ 98 लाख 76 हजार के लगभग मूल्य का सामान है। किसानों का बकाया 51 करोड़ 79 लाख और समितियों का कमीशन 81 लाख 60 हजार के लगभग है। समितियों का कमीशन मिलने पर ही कर्मचारियों का वेतन भुगतान होता है।
देवेंद्रनाथ पांडेय, सचिव, कप्तानगंज केन यूनियन
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किसानों के बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए चीनी मिल प्रशासन गंभीर है। जैसे-जैसे धन की व्यवस्था होगी, किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया जाएगा।
नरेंद्र बली, जीएम, कप्तानगंज चीनी मिल