सीआरपीएफ जवान का हुआ अंतिम संस्कार
बीमार सीआरपीएफ जवान का दिल्ली में चल रहा था इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। सीआरपीएफ के जवान की दिल्ली में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। वह हनुमानगंज थानाक्षेत्र के केशव पट्टी गांव के निवासी थे। शव घर लाया गया तो कोहराम मच गया। एसडीएम व सीओ की अगुवाई में राजकीय सम्मान के साथ पनियहवा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ के जवानों ने अपने साथी को सलामी देकर अंतिम विदाई दी। विधायक जटाशंकर त्रिपाठी भी घाट पर पहुंचे थे।
हनुमानगंज थानाक्षेत्र के केशव पट्टी गांव निवासी ब्रह्मानंद चौधरी सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल थे। कुछ माह से वह किडनी संबंधी रोग से पीड़ित थे। बीमार होने के कारण उनकी तैनाती नई दिल्ली में थी। बेटे धर्मेंद्र सिंह बहू काजल और पोते दक्ष के साथ दिल्ली में ही सरकारी आवास में रह रहे थे। डायलिसिस के लिए हर दूसरे दिन नोएडा के एक अस्पताल में जाते थे। बृहस्पतिवार को भी अस्पताल पहुंचे थे। वहीं पर उनकी मृत्यु हो गई। उनके शव को गोरखपुर एयरपोर्ट लाया गया। अयोध्या में तैनात सीआरपीएफ की 63वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट अखिलेश्वर सिंह की अगुवाई में सशस्त्र टुकड़ी शुक्रवार की सुबह शव लेकर गांव लेकर पहुंची तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। सीआरपीएफ जवानों ने पुत्र धर्मेंद्र को 50 हजार रुपये सहयोग राशि प्रदान किया। विधायक जटाशंकर त्रिपाठी भी सीआरपीएफ जवान के शव यात्रा में शामिल होकर श्रद्धांजलि दी। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार, सीओ शिवाजी सिंह, एसओ हनुमानगंज पंकज गुप्ता ने पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी। शव यात्रा गांव से शुरू होकर नारायणी नदी के पनियहवा घाट पहुंची। यहां जवानों ने अपने साथी को सलामी देकर अंतिम विदाई दी। गौरतलब है कि ब्रह्मानंद की पत्नी का तीन माह पूर्व निधन हो गया था। बीमार होने के कारण वह नहीं आ सके थे। ब्रह्मानंद अपने पीछे बेटी धर्मेंद्र बहू काजल, पोता दक्ष और बेटी बैजयंती को छोड़ गए हैं।