कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जलनिकासी के लिए 4.230 किलोमीटर लंबाई में सीसी ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड कुशीनगर ने इसका आगणन तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दिया है। इसके निर्माण के लिए सिर्फ बजट की जरूरत है। बजट आवंटित होते ही कार्यदायी संस्था कार्य आरंभ करा देगी। यह निर्णय प्रशासन की ओर से बीते दो दिन हुई बारिश के बाद हवाई अड्डे में जलभराव को देखते हुए लिया गया है।
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बारिश के बाद एयरपोर्ट पर हो रहे जलभराव को देखते हुए यहां सीसी ड्रेन का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। क्योंकि इसके पहले जुलाई में भी बारिश होने पर हवाई अड्डे में जलभराव हो गया था। उसके बाद डीएम एस. राजलिंगम ने एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर अनिल द्विवेदी समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर समिति गठन का निर्णय लिया था। साथ ही जलभराव की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए लोहिया पुल के सामने जेसीबी से नाले की सफाई कराई गई थी, लेकिन वह प्रबंध भी पुन: बारिश से बेकार हो गया और एयरपोर्ट पर जलभराव हो गया। इसलिए जिला प्रशासन ने अब हवाई अड्डे में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, ठोस प्रबंध करने का निर्णय लिया है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की ओर से जिला प्रशासन को सीसी ड्रेन के निर्माण के लिए डिजाइन व आगणन तैयार कर भेज दिया गया है। इस पर करीब 13 करोड़ 18 लाख 95 हजार रुपये खर्च होंगे। यह ड्रेन 3.25 गुणा 2.25 मीटर का होगा। यह वित्तीय वर्ष 2021-22 में कराया जाना है। इस सीसी ड्रेन का निर्माण हवाई अड्डे के चहारदीवारी के बगल में अंदर की तरफ एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया कराएगी। इसकी लंबाई 2230 मीटर होगी, जबकि चहारदीवारी के बाहर की तरफ पीडब्ल्यूडी का प्रांतीय खंड कुशीनगर 2000 मीटर लंबाई में एनएच-28 तक बनाएगा। वहां से हवाई अड्डे का पानी सीधे निकल जाएगा।
नए टर्मिनल बिल्डिंग से राष्ट्रीय राजमार्ग-28 तक सीसी ड्रेन का निर्माण होगा। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड कुशीनगर ने आगणन तैयार कर जिला प्रशासन को दिया है। आगे उच्चाधिकारियों के निर्देश के मुताबिक कार्य किया जाएगा। -आरएन राव, अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी
बारिश से हवाई अड्डे में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इससे निजात के लिए सीसी ड्रेन का निर्माण कराने को लेकर बातचीत चल रही है। संभव है कि जल्द काम शुरू कराया जाए।- अनिल द्विवेदी, एएआई, कुशीनगर
जलनिकासी नहीं होने से हवाई अड्डे पर जलभराव
पूर्व में हुई लगातार हुई बारिश को लेकर कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में जलभराव हो गया है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। लगातार बारिश से पानी इतना भर गया कि वैकल्पिक मार्ग का पूरा परिसर डूब गया, इसके अलावा रनवे पर पश्चिम तरफ पानी चढ़ गया। नई टर्मिनल और पुरानी टर्मिनल वाले मार्ग पर भी पानी भर गया था। ऐसे में 20 अक्तूबर के आसपास उड़ान आरंभ करने की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर प्रशासन की तैयारी काफी मुश्किल हो जाएगी। इस संबंध में एयरपोर्ट के निदेशक एके द्विवेदी ने बताया कि जलभराव से एयरपोर्ट का कुछ एरिया डूब गया है। रनवे पर भी पानी चढ़ गया था, बाकी परिसर में भी पानी कम हो रहा है।
कार्यदायी संस्था के अधिकारी ने कहा
रनवे व अपरन निर्माण कराने वाली संस्था के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जलभराव से हवाई अड्डे के रनवे की ऊपरी सतह क्षतिग्रस्त होने की आशंका होती है। अगर जलभराव है, तो उसके शीघ्र जलनिकासी का प्रबंध किया जाना चाहिए। निर्माण के समय जिला प्रशासन को इस बात से अवगत कराया गया था कि चैनलाइज यानी यू आकार के गड्ढे की खुदाई कर हवाई अड्डे के पानी को बाहर निकालने का प्रबंध किया जाना चाहिए, लेकिन प्रशासन ने नहीं सुना। इसका नतीजा है कि दो दिन की मूसलाधार बारिश से हवाई अड्डे के अंदर व बाहर पानी ही पानी भरा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को बुद्धा होटल के पास पानी निकालने के लिए बातचीत की गई थी, लेकिन जलनिकासी का प्रबंध नहीं हो पाया। संवाद