हाईवे किनारे खड़े वाहन भी हादसे का कारण
राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर बघौच मोड़ पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती है। वाहन खड़ा करने के लिए कोई जगह नहीं है। परिणामस्वरूप वाहन हाईवे की पटरियों पर लगे रहते हैं। यहां दुर्घटना की मुख्य वजह अंडरपास न होना, लोगों की लापरवाही और हाईवे किनारे खड़े वाहन हैं। यहां डग्गामार वाहनों के चालक-परिचालक सवारियां भरते हैं।
गलत दिशा से चलने पर दुर्घटना की आशंका
सड़क हादसों की वजह गलत साइड से वाहनों को निकालना भी है। फाजिलनगर के बघौच मोड़ के पहले रज्जब पिपरा के पास से चार व दो पहिया सहित बहुत से वाहन गलत साइड से निकलते दिखाई देते हैं। फाजिलनगर ओवरब्रिज की तरफ से भी गलत साइड से वाहन आते-जाते हैं। महुअवां कांटा, मतलुक छापर, मधुरिया व जोकवा में भी यही हालत है।
बघौच मोड़ पर हुए प्रमुख हादसे
11 फरवरी 2022 को बिहार से कुशीनगर दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की गाड़ी को फाजिलनगर में बघौच मोड़ पर बिहार की तरफ जा रही अनियंत्रित वाहन टक्कर मारकर फोरलेन पर पलट गई। दुर्घटना में चालक सहित पांच लोग घायल हो गए थे। जनवरी 2022 को बघौचघ् ाट मोड़ पर एनएच पार करते समय एक ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रक में भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी हादसा के बाद ट्रैक्टर दो भाग में बंट गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। 11 मार्च 2021 को महाशिवरात्रि के दिन दंपती भगवान शंकर को जल चढ़ाकर घर (बिहार) जा रहे थे।
बघौच मोड़ के पास हाईवे पर ट्रक की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। 28 मई 2020 को फोरलेन पर भलुही गांव के पूर्व ग्राम प्रधान केदार राय (70) फाजिलनगर बघौचघाट मोड़ पर हाईवे पार करते समय किसी वाहन के चपेट में आ गए। उसके बाद उनकी मौत हो गई थी। 23 मार्च 2022 को लबनिया में फोरलेन पर एक बाइक सवार तीन लोग ट्रक की चपेट में आ गए थे। हादसे में चाची और भतीजे की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल हुआ था। आठ नवंबर 2021 को भीषण हादसा हुआ, जब फोरलेन स्थित लबनिया चौराहे के पास ट्रक में पीछे से कार सवार घुस गए। इससे कार सवार एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। अन्य तीन गंभीर रूप से तरह घायल हो गए थे।