सीएमएस सहित छह के खिलाफ केस दर्ज
आरटीपीसीआर लैब से 20 व्यक्तियों की जारी हुई थी कोरोना जांच रिपोर्ट
संक्रमित मरीजों का सैंपल नष्ट करने सहित अन्य लापरवाही में हुई कार्रवाई
लापरवाही, वायरस इंफेक्शन से जान जोखिम में डालने के मामले में केस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। शनिवार की देर शाम वायरल हुई 20 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट के मामले में फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला अस्पताल के सीएमएस, पैथालॉजिस्ट, एसएलटी सहित छह के खिलाफ पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनके खिलाफ यह कार्रवाई आपदा प्रबंधन में लापरवाही, किसी शख्स के वायरस से इंफेक्शन द्वारा दूसरे व्यक्ति की जान जोखिम में डालने और किसी के द्वारा बीमारी फैलाने के लिए लापरवाही भरा कार्य करने के आरोप में की गई है।
सीएमओ की तरफ से आठ अगस्त को पडरौना के कोतवाल को तहरीर देकर बताया गया था कि जिला चिकित्सालय में स्थापित आरटीपीसीआर लैब में कोविड जांच के लिए सैंपल भेजा गया। लैब की तरफ से 20 पॉजिटिव मरीजों की सूचना सात अगस्त को पोर्टल पर अपलोड कर दी गई। इस संबंध में पैथालॉजिस्ट नोडल डॉ. योगेंद्र कुमार सिलोइया से वार्ता की गई थी। उन्होंने बताया था कि समस्त पॉजिटिव मरीजों के सैंपल कोल्डचेन मेंटेन करते हुए संरक्षित किया गया है और एसओपी के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आठ अगस्त को निदेशक, संचारी रोग एवं पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट, राज्य मुख्यालय लखनऊ की ओर से निर्देशित किया गया कि 20 पॉजिटिव मरीजों के सैंपल को पुन: जांच के लिए केजीएमसी लखनऊ प्रयोगशाला में भेजा जाए। इस बारे में पैथालॉजिस्ट डॉ. वाईके सिलोइया एवं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा से वार्ता करने पर पता चला कि सभी पॉजिटिव मरीजों के सैंपल बायो हेजर्ट में गलती से नष्ट कर दिया गया है। यह अत्यंत गंभीर प्रकरण है। ऐसे उच्चाधिकारियों एवं उनकी टीम की तरफ से किया गया कार्य अक्षम्य है। इस तरह से इनकी तरफ से जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया है। सीएमओ की तरफ से जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा, पैथालॉजिस्ट एवं नोडल अधिकारी डॉ. योगेंद्र सिलोइया, वरिष्ठ टेक्नीशियन ऐनुल हक, एनएमएस सुनील गौतम, डाटा इंट्री ऑपरेटर धनंजय और स्वीपर बृजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।
पडरौना कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि सीएमओ की तरफ से तहरीर मिलने के बाद इस मामले में सीएमएस सहित छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।