- सतर्कता अधिष्ठान ने मामले को दर्ज करने के बाद शुरू की विवेचना
- प्रधानाचार्य ने कमाए 1.16 करोड़ और खर्च कर डाले 2.71 करोड़ रुपये
पडरौना। फाजिलनगर के एक मदरसा प्रधानाचार्य पर आय से अधिक संपत्ति का केस सतर्कता अधिष्ठान ने दर्ज किया है। सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर सेक्टर कार्यालय में तैनात निरीक्षक गंगा प्रसाद ने यह केस दर्ज कराया है। प्रधानाचार्य पर विभागीय कार्रवाई के लिए आख्या भेजी गई है। निरीक्षक के मुताबिक प्रधानाचार्य की कुल आय 1,16,03,287 रुपये है। जबकि उन्होंने खर्चा 2,71,82,728 रुपये किया है। जो आय से करीब 134.26 प्रतिशत अधिक है।
फाजिलनगर के अहलादपुर निवासी यासीन मोहम्मद अंसारी ने गांव में ही संचालित अनुदानित मदरसा इस्लामिया मकतब के प्रबंधक और प्रधानाचार्य पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक से अक्तूबर 2020 को शिकायत की। यासीन के भ्रष्टाचार की शिकायत की सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ ने जांच की। इसमें प्रधानाचार्य रहमत अली अंसारी दोषी पाए गए। इसके बाद अधिष्ठान के गोरखपुर सेक्टर कार्यालय में तैनात निरीक्षक गंगा प्रसाद ने उनके खिलाफ आय से अधिक खर्च करने का केस दर्ज कराया है।
कमाई से 134 प्रतिशत अधिक किया खर्च
सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक गंगा प्रसाद ने बताया कि मदरसे के प्रधानाचार्य रहमत अली अंसारी पर लोक सेवक के रूप में कार्यरत रहते हुए अपनी आय के समस्त ज्ञात व वैध स्रोतों से कुल 1,16,03,287 रुपये की आय अर्जित की। वहीं उन्होंने कुल 2,71,82,728 रुपये खर्च किये। जो उनकी आय की तुलना में 1,55,79,441 रुपये अधिक पाया गया। प्रधानाचार्य का व्यय आय के सापेक्ष 134.26 प्रतिशत अधिक पाया गया। निरीक्षक के मुताबिक प्रधानाचार्य ने इसका कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। इस मामले में शासन ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान को अभियोग पंजीकृत कराने के आदेश दिया है। इसके बाद प्रधानाचार्य के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज किया गया है।