कप्तानगंज। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित उत्पाद शुुल्क के विरोध में आभूषण व्यवसायियों की हड़ताल 20वें दिन भी जारी रही। मंगलवार को भी सराफा व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। इस हड़ताल का सबसे अधिक नुकसान आभूषण बनाने वाले कारीगरों को उठाना पड़ रहा है।
उनकी रोजी रोटी पर संकट उत्पन्न हो गया है। सराफा व्यापारियों और कारीगरों ने उत्पाद शुल्क वापस लिए जाने की मांग की है। आभूषण व्यवसायियों की हड़ताल ने बाजार को शांत कर दिया है।
आभूषण खरीदने वाले परेशान हैं तो उन दुकानों पर कार्य करने वाले मजदूरों के परिवार वालों को भोजन के लाले पड़ गए हैं। कप्तानगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में सराफ ा की लगभग 80 दुकानों पर 26 से ज्यादा कारीगर कार्य करते हैं।
हड़ताल के कारण वे अपना पुश्तैनी काम छोड़कर दूसरे की मजदूरी करने को विवश हैं। क्योंकि उत्पाद शुुल्क वापस हुए बिना सराफ ा व्यवसायी मानने को तैयार नहीं हैं। कई अन्य संगठनों का समर्थन भी इन्हें प्राप्त है।
परिणाम चाहे जो भी हो, लेकिन इसमें कारीगरों का नुकसान हो रहा है। उनमें होली का उत्साह नहीं दिख रहा है। देवीलाल वर्मा, गणेश, उमेश, अवधेश आदि कारीगरों ने शासन से उत्पाद शुुल्क तत्काल वापस करने की मांग की है।
सराफा संघ के लोगों ने सांसद का घेराव किया
पडरौना। सराफा एवं स्वर्णकार संघ पडरौना की बैठक मंगलवार को गंगीराम मंदिर में हुई। उसके बाद बैठक में मौजूद लोगों ने सांसद का घेराव किया तथा उत्पाद शुल्क वापस लिए जाने के लिए केंद्र सरकार तक व्यापारियों की बात पहुंचाने की मांग की।
व्यापारियों ने सांसद राजेश पांडेय से कहा कि सराफा व्यापारियों पर लगाए गए एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क को सरकार वापस ले, अन्यथा विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा। सांसद ने व्यापारियों की बात केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान संगठन के अध्यक्ष सुरेश स्वर्णकार, महामंत्री अजय गुप्ता, संरक्षक राजेंद्र वर्मा और लालबाबू जायसवाल, अंशुमान बंका, नदीम अहमद, राजू जायसवाल, आलोक टिबड़ेवाल, ऋषि सोनी, अरविंद, वीरेंद्र जायसवाल, धीरज, प्रकाश सहित कई लोग मौजूद थे।