हाटा (कुशीनगर)। करमहा चौराहे पर मदनी मस्जिद के अवैध निर्माण पर रविवार को प्रशासन का बुलडोजर चला। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देर शाम तक कार्रवाई जारी रही। मस्जिद के सरकारी जमीन पर बने हिस्से को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान मस्जिद का कोई पक्षकार मौके पर नजर नहीं आया।
हाटा नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 निवासी रामवचन सिंह ने सीएम योगी से मिलकर सरकारी जमीन पर मस्जिद का अवैध निर्माण किए जाने की शिकायत की थी। मामला सीएम तक पहुंचने के बाद 18 दिसंबर को एडीएम वैभव मिश्र के नेतृत्व में राजस्वकर्मियों और तहसील प्रशासन ने जांच की थी। 22 दिसंबर को हाटा तहसील प्रशासन ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में सरकारी जमीन पर मस्जिद के कुछ हिस्से का निर्माण होना बताया था। साथ ही मस्जिद के निर्माण और उसके कब्जे की भूमि का भी जिक्र किया था।
इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने नक्शे और मस्जिद के निर्माण से जुड़ी पत्रावलियों की जांच के बाद जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी। नगर पालिका के नोटिस पर मस्जिद के पक्षकारों ने 1999 में जारी नक्शे के साथ कुछ पत्रावलियां सौंपीं जो जांच में सही नहीं पाई गईं। इसका केस हाईकोर्ट में लंबित है, जिसमें स्टे भी जारी हुआ था। जांच में पुलिस की जमीन पर भी मस्जिद के पक्षकारों का कब्जा पाया गया है। इस मामले में हाटा कोतवाल की तहरीर पर चार लोगों पर केस दर्ज हुआ है। अफसरों के अनुसार आठ फरवरी तक हाईकोर्ट का स्थगन आदेश था। स्टे की अवधि खत्म होने के बाद प्रशासन ने सरकारी जमीन पर हुआ निर्माण ध्वस्त कर दिया।
मस्जिद का निर्माण बैनामे की भूमि के अलावा सरकारी जमीन पर भी निर्माण कराया गया था। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। इस पर स्थगन आदेश था इसलिए कार्रवाई में देरी हुई है। सरकारी जमीन पर जो भी निर्माण अवैध तरीके से कराया गया था उसे तोड़ा जा रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने नोटिस देकर अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा था लेकिन मस्जिद के पक्षकार अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके।
- योगेश्वर सिंह, एसडीएम, हाटा