सेल्फी लेने के चक्कर में और लोगों की भी जा चुकी है जान
सेल्फी के लिए जान दांव पर लगाने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी पनियहवा पुल पर स्टंट दिखाने में जान जा चुकी है या जाते जाते बची है। 2017 में नेपाल के नवलपरासी जिले के दो युवक शिवेंद्र कुमार व धनेश कुर्मी अपनी बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने पनियहवा घाट पर आए थे। रेलवे पुल पर सेल्फी लेने के चक्कर में ट्रेन की चपेट में आ गए और दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
वर्ष 2020 में खड्डा थाना क्षेत्र के बसडीला गांव की एक किशोरी सेल्फी लेते समय पुल से नदी में गिर गई थी। नाविक ने किसी तरह जान बचाई थी। एक साल पहले एक युवक रेलवे पुल पर पटरियों के बीच बाइक चलाकर स्टंट दिखाते हुए सेल्फी ले रहा था, तभी ट्रेन आ गई। बाल बाल बचा था।
अक्सर सड़क पुल पर लोग गुजरते समय थोड़ा रुककर परिजनों के साथ सेल्फी या फोटो खींचते हैं, जो इसे अपने यादों में सहेजने तथा नारायणी के दर्शन की इच्छा रखते हैं, लेकिन कुछ युवक व युवती रेल पुल पर चहलकदमी करने या अन्य तरह के स्टंट करके अपनी जान जोखिम में डाल लेते हैं।