पडरौना चीनी मिल के लिए लिक्विडेटर नियुक्त
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लिक्विडेटर ने किया पडरौना चीनी मिल का निरीक्षण, देखे अभिलेख
पडरौना चीनी मिल पर गन्ना मूल्य, कर्मचारियों और बैंकों की है देनदारी
करीब दस वर्षों से बंद पड़ी है पडरौना चीनी मिल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। करीब दस वर्षों से बंद पडरौना चीनी मिल के लिए एनसीएलटी (नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) कोर्ट कोलकाता ने लिक्विडेटर (परिसमापक) नियुक्त कर दिया है। लिक्विडेटर शनिवार को एसडीएम सदर और डीसीओ के साथ चीनी मिल पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने चीनी मिल से संबंधित अभिलेख का भी अवलोकन किया।
मौजूदा समय में यह चीनी मिल कपड़ा मंत्रालय के कानपुर शुगर वर्क्स के अधीन बताई जा रही है। इस चीनी मिल को नीलाम कर पुन: संचालित करने के लिए 25 से अधिक बार नीलामी की तारीख पड़ चुकी है, लेकिन खरीदार नहीं आए। इससे चीनी मिल पर गन्ना किसानों, मिल के कर्मचारियों और बैंकों पर देनदारी का भुगतान नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है इस चीनी मिल से संबंधित मुकदमा उच्च न्यायालय और एनसीएलटी कोर्ट में विचाराधीन है।
एनसीएलटी कोर्ट ने इस चीनी मिल के लिए अब लिक्विडेटर नियुक्त कर दिया है। यह पद एनसीएलटी के श्री श्रवण कुमार विश्नोई को सौंपा गया है। लिक्विडेटर ने चीनी मिल का निरीक्षण करने के बाद इसकी संपत्ति से संबंधित सभी अभिलेख देखे और जानकारी एकत्र की। बताया जा रहा है कि इस चीनी मिल पर करीब 67 करोड़ रुपये केवल गन्ना मूल्य का बाकी है। इसके अलावा चीनी मिल के मजदूरों व कर्मचारियों तथा बैंकों की देनदारी भी है।
डीसीओ वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि लिक्विडेर चीनी मिल की संपत्ति और अभिलेख देखने आए थे। चीनी मिल की संपत्ति बेचकर बकाया भुगतान करने की बात चल रही है। एसडीएम सदर महातम सिंह ने बताया कि एनसीएलटी कोर्ट ने पडरौना चीनी मिल के लिए लिक्विडेटर नियुक्त किया है। वहां से आदेश आया था कि लिक्विडेटर को चीनी मिल का निरीक्षण कराया जाए। इस चीनी मिल का मामला एनसीएलटी कोर्ट और हाईकोर्ट में चल रहा है। क्योंकि कंपनी से संबंधित मामले एनसीएलटी कोर्ट में भेजे जाते हैं। तहसीलदार और डीसीओ को भी अपना पक्ष रखने एनसीएलटी कोर्ट कोलकाता जाना है। वे अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगे।