आरोप है कि पीछे से पहुंचे पुलिसकर्मी उन्हें डंडे से मारने लगे। उसकी चीखपुकार सुनकर अगल बगल गांव के लोग जुटकर विरोध किए, तो पुलिसकर्मी लोगों पर भी धौंस जमाने लगे। इससे नाराज गांव के लोगों ने लाठी डंडों के साथ पुलिसकर्मियों को दौड़ाने लगे। लोगों की नाराजगी देख पुलिसकर्मी वहां से भाग गए।
इसके बाद पुलिस की पिटाई से गंभीर रूप से घायल चालक को लोग ट्राली से लेकर थाने पहुंचे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। जानकारी होने पर एसएचओ हर्षवर्धन सिंह ने सूझबूझ का परिचय देते हुए नाराज गांव के लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद गांव के लोग शांत हुए। घायल जेसीबी चालक को एसएचओ ने थाने की गाड़ी से इलाज के लिए नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र की कोटवा सीएचसी भिजवाया।
एसएचओ हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि खनन की सूचना पर पुलिस गई थी। पुलिस की गलती है कि उसे अपने कार्रवाई न कर सूचना खनन विभाग को देनी चाहिए थी। गांव के लोग चालक को पीटने का आरोप लगा रहे है तो दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।