दूसरों से पढ़वाकर अमलावती ने जानी सरकार की उपलब्धियां
कसया (कुशीनगर )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा संवाद करने वाली जिले की अमलावती का कुनबा केवल साक्षर है जबकि अमलावती व उनके पति पारस निरक्षर हैं। बेटे सिर्फ किसी तरह हस्ताक्षर कर लेते हैं। बृहस्पतिवार को आयोजित अन्न महोत्सव के दौरान वर्चुअल संवाद से पहले मिले बुकलेट को उन्होंने दूसरों से पढ़वाकर समझा था।
अमलावती ने बताया कि उनके कुनबे के लिए साक्षरता या सर्व शिक्षा अभियान क्या है? इस बारे में कुछ पता नहीं है। बच्चोें से लेकर बूढ़े तक सिर्फ कमाना और खाना जानते हैं। बृहस्पतिवार को कसया ब्लॉक के मैनपुर कंपोजिट विद्यालय में आयोजित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में प्रधानमंत्री से सीधा संवाद करने पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल रहा। अमलावती के कुनबे में बेटे अर्जुन, सर्जुन व अमेरिकन और दो बेटियां रमिता व लालमुनि हैं। बेटियों की शादियां हो चुकी हैं। कुनबे के पास खेती के लिए कोई भूमि नहीं है। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण का काम चल रहा है।
अमलावती के पति पारस ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत परिवार के दो सदस्यों का जॉब कार्ड बना है, लेकिन काम वर्षों से नहीं मिल रहा है। गृहस्थी चलाने के लिए खेतों में मजदूरी करना पड़ रहा है। सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। उज्ज्वला निशुल्क गैस योजना, पेयजल, आवास, घर तक पक्की सड़क आदि है। अमलावती मैनपुर दीनापट्टी के टोला भूदेवपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से संवाद के लिए जिला प्रशासन ने निरक्षर अमलावती को खूब सिखाया था।