रामकोला। मथुरा के जवाहर बाग गोलीकांड के लिए पूरी तरह से स्थानीय प्रशासन ही जिम्मेदार है। शुरू से ही इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने लापरवाही बरती, जो कार्रवाई दो साल पहले होनी चाहिए थी, वह अब जाकर हुई। रामवृक्ष का बाबा जयगुरुदेव के संगठन से कोई संबंध नहीं है। ये बातें बुधवार को रामकोला के धर्मसमधा मंदिर परिसर में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में आए बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज महराज ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि बाबा जयगुरुदेव ने पूरे जीवन काल में लोगों को शराब और मांस का सेवन न करने और हिंसा न करने का उपदेश दिया था। इसका सेवन करने वाले बाबा जयगुरुदेव के अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि रामवृक्ष ने खुद का एक संगठन बना रखा था। परंतु जवाहर बाग की घटना के बाद मीडिया ने उसका नाम बाबा जयगुरुदेव से जोड़ दिया। पंकज महराज ने यह आरोप भी लगाया कि जब मथुरा के जवाहर बाग में रामवृक्ष और उनके लोग अवैध कब्जा कर रहे थे तो प्रशासन चुपचाप तमाशा देखता रहा। दो साल बाद जब स्थिति बहुत बिगड़ गई तब जाकर उसे खाली कराने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि बाबा जयगुरुदेव और उनके अनुयायी शुरू से ही पूरे प्रदेश में शराब और मांस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते रहे हैं।