पडरौना। दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक सशक्तीकरण और उनके विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना संचालित कर रही है। इसके तहत दिव्यांग व्यक्ति से विवाह करने वाले पात्र दंपतियों को 15 हजार रुपये से लेकर 35 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अभय पांडेय ने बताया कि यह योजना 15 जुलाई 1997 से प्रभावी है। योजना का लाभ उन्हीं दंपतियों को मिलेगा जो भारत के नागरिक हों तथा उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हों या कम से कम पांच वर्षों से प्रदेश में निवास कर रहे हों।
उन्होंने बताया कि विवाह के समय युवक की आयु 21 वर्ष से कम और 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि युवती की आयु 18 वर्ष से कम और 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। विवाह सामाजिक रीति-रिवाजों अथवा सक्षम न्यायालय के माध्यम से विधिवत संपन्न होना आवश्यक है। दंपति में से कोई भी आयकरदाता न हो तथा किसी के पास पूर्व से जीवित पति या पत्नी न हो। महिला उत्पीड़न मामलों में वाद लंबित होने पर भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। संवाद