एप्रन के 300 मीटर हिस्से पर गंडक का दबाव, सहमे ग्रामीण
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। बाघाचौर और नोनियापट्टी के बीच एपी बांध की सुरक्षा के लिए बोल्डर से बनाए गये लगभग तीन सौ मीटर एप्रन पर गंडक नदी का भारी दबाव है। इससे एक बार फिर एपी बांध पर गंडक नदी के कटान का खतरा मंडराने लगा है। नदी के किनारे बसे गांवों के लोग इसे लेकर भयभीत हैं।
बाघाचौर और नोनियापट्टी के बीच गंडक नदी का जबरदस्त दबाव एपी बांध पर पिछले एक सप्ताह से लगातार बना हुआ है। इसके चलते गंडक नदी ने अपने कटान का दायरा बढ़ाते हुए एपी बांध के किलोमीटर 12.200 से किलोमीटर 12.500 के बीच बांध की सुरक्षा के लिए बनाए गए बोल्डर निर्मित एप्रन के लगभग तीन सौ मीटर हिस्से पर गंडक नदी का दबाव बढ़ता जा रहा है। इससे नोनियापट्टी, बाघाचौर, विरवट कोंहवलिया, बाकखास, अहिरौलीदान, बेदूपार, सिसवा नाहर सहित अन्य कई गांवों के लोग सहमे हुए है। इन गांवों के संजय सिंह, राजेश सिंह, पप्पू सिंह, विकास सिंह आदि का कहना है कि एपी बांध से सटकर बह रही नदी से बांध के साथ कई गांवों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। क्योंकि एपी बांध के किनारे बसे लोगों को आज भी 31 जुलाई 2007 की घटना याद है, जब घघवा जगदीश के पास एपी बांध का लगभग 50 मीटर हिस्सा गंडक नदी के इसी तरह के दबाव के कारण कट गया था और लगभग 40 गांवों के लोगों महीनों तक बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ी थी। लोगों को आशंका है कि कहीं नदी 31 जुलाई 2007 की घटना की पुनरावृत्ति न कर दे।
बाढ़ खंड के एई एसके प्रियदर्शी का कहना है कि एप्रन की सुरक्षा को लेकर बचाव कार्य जारी है। शीघ्र ही कटान को नियंत्रित कर लिया जाएगा।