पडरौना। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर शुक्रवार को जागरूकता रैली निकाली गई। लोगों को बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूक किया गया। श्रम विभाग की तरफ से में जिला मुख्यालय से कसया तक विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई। वहां काम कर रहे 15 बाल और किशोर श्रमिकों को मुक्त कराते हुए लोगों को बाल श्रम उन्मूलन के बारे में बताया गया।
रैली को रवाना करते हुए डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल श्रम कानून अपराध है। बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सभी को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चा स्कूल जाए इसके लिए उन्हें प्रेरित करें। इसके बाद श्रम विभाग की टीम ने जिला मुख्यालय रवींद्रनगर से कसया तक सघन निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच में 15 बाल एवं किशोर श्रमिकों को चिह्नित कर उन्हें मुक्त कराया गया। साथ ही उनसे कार्य कराने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई। इस दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय, डॉ. सीवी सिंह, सीएमओ डॉ. चंद्र प्रकाश वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अरुण दूबे, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, अमित शाही, विद्याधर कुशवाहा आदि मौजूद रहे।