कसया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यालयों में पठन-पाठन की नई आवश्यकता और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। नगर स्थित महर्षि अरविंद विद्या मंदिर में आयोजित नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के ग्यारहवें दिन मुख्य अतिथि उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. ममता मणि त्रिपाठी ने येबातें कहीं। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 34 वर्षों बाद लागू हुई है। यह पूर्व ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के समन्वय पर आधारित है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति 5+3+3+4 संरचना पर आधारित है, जिसमें बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षण प्रक्रिया में 30 मिनट अध्ययन और 10 मिनट गतिविधि का संतुलन आवश्यक है।
प्राचार्या ने घर-घर संपर्क कर नामांकन बढ़ाने, विद्यालय का ईमेल आईडी बनाकर तकनीक का प्रभावी उपयोग करने और सोशल लर्निंग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षण में भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी आवश्यक है। संवाद