सीओ जियाउल हक की हत्या के मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक के नाबालिग साबित किए जाने का विरोध करते हुए सीबीआई ने बुधवार को उसका वोटर आईडी कार्ड हासिल कर लिया।
सीबीआई ने इसे अदालत के सामने भी पेश किया है। बकौल सीबीआई नाबालिग बताए जा रहे हत्यारोपी की उम्र 19 वर्ष है और उसने 2012 के विधान सभा चुनाव में वोट भी डाला था।
सीबीआई के अनुसार कुंडा कांड में सीओ जियाउल हक के कत्ल के मुख्य आरोपी बंटी (बदला नाम) ने ही सीओ की पीठ पर गोली मारी थी।
सीबीआई ने जब उसे अदालत के सामने पेश किया था तो आरोपी के अधिवक्ता ने उसका हाईस्कूल का सर्टीफिकेट पेश कर उसे नाबालिग बताया था।
अदालत ने इसी बिना पर आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष भेज दिया था। इस बीच, सीबीआई ने प्रतापगढ़ से वोटर आईडी की सूची हासिल कर ली।
इस सूची में वोटर आईडी नंबर-टीजीवी 0529941 पर आरोपी का ही फोटो व नाम पता दर्ज है और उसकी उम्र 19 वर्ष लिखी हुई है।
उधर, बुधवार को किशोर न्याय बोर्ड लखनऊ में मामले की पहली तारीख पर आरोपी ने खुद को नाबालिग साबित करने के लिए साक्ष्य के तौर पर दसवीं की मार्कशीट प्रस्तुत की।
दूसरी ओर सीबीआई ने उसके प्राथमिक व उच्चतर माध्यमिक स्तर की कक्षाओं के रिकॉर्ड प्रस्तुत कर उसे 18 वर्ष से अधिक उम्र का बताया।
ऐसे में बोर्ड ने प्रतापगढ़ एसपी के जरिए उसके स्कूल के प्रबंधक और प्रिंसिपल को समन भेजा है।
उन्हें आरोपी के सभी रिकॉर्ड लेकर 20 अप्रैल को बोर्ड में प्रस्तुत होने को कहा गया है।
बोर्ड में प्रस्तुत सीबीआई की अर्जी में खुद को नाबालिग बता रहे आरोपी को सीओ हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है। अर्जी के साथ आरोपी का कुबूलनामा भी दिया गया है।
सुरेश की हत्या नहीं हुई, हादसे में मरा : सीबीआई
कुंडा कांड में ग्राम प्रधान नन्हे यादव के भाई सुरेश यादव की मौत के मामले को सीबीआई ने सुलझा लिया है। सीबीआई की नजर में सुरेश की मौत हालात से पैदा हुआ हादसा है।
सीबीआई का कहना है कि सुरेश और सीओ जियाउल हक की मौत एक ही जगह पर चंद कदमों की दूरी पर हुई है। सीबीआई की तफ्तीश में सामने आया है कि जब लोग नन्हे की लाश गांव लेकर पहुंच गए थे तो इसके कुछ ही देर बाद सीओ वहां पहुंचे और शव थाने ले चलने के लिए कहा।
इसी बात पर कहासुनी हुई। सुरेश लाइसेंसी बंदूक के बट से सीओ को मारना शुरू कर दिया था। सीओ ने सुरेश से बंदूक छीनने की कोशिश की, तो सुरेश से ट्रिगर दब गया और उसे अपनी ही बंदूक की गोली लग गई।
इसके बाद नन्हे का परिवार भड़क गया और सीओ पर हमला शुरू कर दिया। इसी दौरान बंटी (बदला नाम) ने सीओ की रिवाल्वर व मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया और दूसरे शस्त्र से उन्हें गोली मार दी।