कुंडा के सीओ हत्याकांड के बाद बैकफुट पर आई उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के डैमेज कंट्रोल की कसरत से मुलायम सिंह राहत की सांस ले रहे हैं। साथ ही वह अखिलेश के पूरे मामले से निपटने के अंदाज से भी काफी संतोष महसूस कर रहे हैं। मुलायम सिंह यादव ने यह बात पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से कही है। अखिलेश ने जिस तरीके से मामले की संवेदनशीलता को समझने में तीव्रता दिखाते हुए 24 घंटे के अंदर सीबीआई जांच के आदेश दिए।
साथ ही पीड़ित परिवारों के पास जाकर उनके दर्द पर मरहम लगाया है, उससे मामले को उफान पर पहुंचने से पहले ही थामने में कुछ हद तक कामयाबी मिली है। नेताजी ने अखिलेश के विरोधियों को भी अखिलेश के मैनेजमेंट से नसीहत लेने को कहा है।
खासकर मुलायम सिंह यादव इस बात से काफी संतोष महसूस कर रहे हैं कि डीसीपी की पत्नी प्रवीन आजाद ने मीडिया के सामने अखिलेश की ओर से उठाए गए कदम पर संतोष जताया है और साथ ही सीबीआई जांच के आदेश को मुख्यमंत्री के फैसले को सही बताया है।
सपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक मुलायम ने अपने कुछ करीबी नेताओं को कहा है कि अखिलेश ने सही समय पर सही फैसले लेकर विपक्ष को राजनीति करने का ज्यादा मौका नहीं दिया है। मुलायम ने उदाहरण दिया है कि चाहे निठारी कांड हो या फिर विगत में कई अन्य विवाद। इतनी जल्दी पार्टी और सरकार मामले को संभालने में सफल नहीं हो सकी।
मुलायम सिंह का कहना है कि मायावती खुद अपने शासनकाल में सीबीआई जांच के आदेश देने से बचती रही है। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश को लेकर मुलायम की विश्वास बहाली से उनके विरोधियों को काफी हद तक झटका लगा है। अखिलेश की ताजपोशी का विरोध करने वाली लॉबी सीओ हत्याकांड को अखिलेश के खिलाफ इस्तेमाल करने में जुट गई थी।