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वाराणसी में पोस्टरः 'देखो-देखो दिल्ली का भगोड़ा आया'

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अरविंद केरजरीवाल आज मिशन काशी पर वाराणसी पहुंच गए हैं लेकिन उन्हें बाबा विश्वनाथ की नगरी पहुंचते ही कुछ तीखे पोस्टरों का सामना करना पड़ा। आप के समर्थक एकतरफ उनके ऊपर फूल बरसा रहे थे तो दूसरी तरफ उनके विरोधी पोस्टरों के जरिए उन्हें भगोड़ा करार दे रहे थे।
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आप संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को शिवगंगा एक्सप्रेस से 7:49 पर कैंट स्टेशन पहुंचे। स्टेशन परिसर में विरोध का भी सामना करना पड़ा। जहां एक बैनर स्टेशन परिसर के सामने ही लटका था जिसमें केजरीवाल को भगोड़ा संबोधित किया गया था तो वहीं कुछ लोग केजरीवाल विरोधी नारे लगा रहे थे।

समर्थकों ने किया शानदार स्वागत

अरविंद केजरीवाल को कड़ी सुरक्षा के बीच परिसर से बाहर लाया गया। इस मौके पर गुलाब की पंखुडिय़ों की वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया गया। जमकर नारे भी लगे। ट्रेन में बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक व कई मीडिया कर्मी भी रहे।

स्टेशन से निकलने के बाद वह सीधे तुलसीघाट पहुंचे। स्नान-ध्यान के बाद वह मलिन बस्ती गए जहां सफाईकर्मी के परिजन से मिली जिसकी कुछ दिन पहले सीवर में सफाई के दौरान दमघुटने से मौत हो गई थी। काजी-ए-शहर से मुलाकात की। पूर्व सूचना आयुक्त ओपी केजरीवाल से मुलाकात की। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।

लोगों के नाम केजरीवाल की चिट्ठी

वाराणसी पहुंचने से पहले केजरीवाल ने स्थानीय लोगों के नाम एक चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने लोगों से उनसे तीखे सवाल पूछने की अपील की। केजरीवाल की चिट्ठी का मजमून कुछ इस तरह है।

‘मित्रों और विरोधियों! अरविंद केजरीवाल की मंगलवार को होने वाली खुली जनसभा में उनसे सीधे प्रश्न, तीखे प्रश्न पूछिए लेकिन शिष्टाचार के दायरे में रहकर। केजरीवाल के जवाब से आप संतुष्ट हुए तो ठीक लेकिन यदि जवाब आपको रास न आए तो आपा मत खोएं।

किसी भी तरह का कोई ऐसा बरताव न करें जो शिष्टाचार के दायरे से बाहर हो।’ इसी निवेदन के साथ आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को प्रस्तावित केजरीवाल की खुली जनसभा के लिए लोगों को निमंत्रण पत्र भेजा है। सियासी हलके में पार्टी के इस ‘निवेदन’ को पिछले दिनों केजरीवाल पर हुए हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

वाराणसी में होता रहा है केजरीवाल का विरोध

कुछ दिनों पहले अरविंद केजरीवाल की वाराणसी में रैली के दौरान स्याही फेंकने से हमले का जो सिलसिला शुरू हुआ वह थमा नहीं।

कभी काले झंडे दिखाए गए तो कभी थप्पड़ सहने पड़े। इन घटनाओं से पार्टी कार्यकर्ता किस कदर सहमे हुए हैं, इसका अनुमान वाराणसी में केजरीवाल की प्रस्तावित खुली जनसभा के लिए जारी किए गए ‘आप’ के निमंत्रण पत्र से लगाया जा सकता है।


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विपक्षी दलों को भी बुलाया गया

केजरीवा की सभा में समर्थकों के साथ विपक्षी दलों के लोगों को भी प्रश्न करने के लिए बुलाया गया है। लेकिन, आयोजनकर्ताओं को केजरीवाल के साथ हाल के दिनों में हुई घटनाओं का डर भी सता रहा है।

पार्टी ने लोगों को एक निमंत्रण पत्र भेजा है। छह लाइन के निमंत्रण पत्र में साढ़े तीन लाइन लोगों से निवेदन करने और शिष्टाचारी बनने की नसीहत पर है। शिष्टाचार के दायरे में रहने के निवेदन के साथ शोर-शराबा न करने, नारेबाजी और किसी भी तरह का हिंसक बरताव न करने की अपील की गई है।

वाराणसी में आप की कई जनसभाओं के दौरान दूसरी पार्टियों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा है। सियासी हलके में इस निमंत्रण पत्र को उसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। अब इसका असर कितना होता है, यह तो खुली जनसभा में ही सामने आएगा।

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