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चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा यमुना में पानी, अलर्ट जारी

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राजस्थान के धौलपुर से यमुना में छोड़ा गए 18 लाख क्यूसेक पानी का असर कौशाम्बी में धीरे-धीरे दिखने लगा है। बृहस्पतिवार को चार घंटे प्रति सेंटीमीटर की रफ्तार से यमुना में पानी बढ़ता दिखा। सात अगस्त यानि शनिवार तक कालिंदी के उफान पर होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
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संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। तराई के बासिंदों सतर्क रहने के लिए मुनादी कराने के साथ ही सभी आठों बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई है।
राजस्व टीमें पल-पल की स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार की सुबह राजस्थान के धौलपुर स्थित बांध से 17 लाख 81 हजार 200 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। ये पानी तेजी से चंबल के रास्ते औरैया होते हुए कौशाम्बी की तरफ बढ़ रहा है।
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इसकी सूचना मिलते ही डीएम सुजीत कुमार ने बुधवार की देर शाम ही अफसरों की बैठक बुलाकर संभावित स्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट जारी कर दिया। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर ने सभी तराई क्षेत्र में बनी सभी आठों बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया। संभावित बाढ़ का देखते हुए तराई के गांवों में मुनादी कराते हुए ग्रामीणों को एहितियात बरतने की हिदायत दी गई।
नाव संचालन, मत्स्य आखेट पर रोक लगा दी गई है। राजस्व टीमों को पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि इस वक्त चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से यमुना में पानी बढ़ रहा है। गुजरे 24 घंटे के भीतर तकरीबन डेढ़ मीटर तक पानी बढ़ा है। एक्सईएन ने बताया कि शाम चार बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 81.74 सेमी रिकार्ड किया गया। जो अभी खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे है। ऐसे में सात अगस्त (शनिवार शाम) तक जिले में यमुना के उफान पर होने की संभावना है। संभावित खतरे को देखते हुए तराई के ग्रामीण सहमे हुए हैं।
तराई में बसे इन गांवों में घुस सकता है बाढ़ का पानी
कोसम इनाम, बढ़ा गढ़वा, कोसम खिराज, गोपसहसा, गोइंठा, गुरौली, बेरौंचा, सोनवारा, महिला, धाना, ऐंगवां, छेकवा, दिया, भखंदा, भरतपुर, हटवा कछार, रानीपुर, रायपुर, कटरी, डेढ़ावल, पभोसा, सिंघवल, पाली, तिवारी का पूरा, जमुनापुर, मवई, निगहा, घोघ का पुरवा, महेवाघाट, उमरावां, शाहपुर, भवंसुरी, बड़हरी आदि गांव।
2019 में छोड़ा गया था 21 लाख क्यूसेक पानी
डीएम ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2019 में एकमुश्त 21 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया था। हालांकि, उस वक्त बहुत ज्यादा समस्या नहीं हुई थी। फिर भी संभावित हर परिस्थितियों से निबटने के लिए प्रशासन की ओर से इंतजाम कर लिए गए हैं।
राजस्थान से छोड़े गए पानी का असर सात अगस्त तक जिले में देखने को मिलेगा। फिलहाल तराई पर बसे जिले के चार गांवों में बाढ़ की संभावना है। संभावित खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी करते हुए बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। सीवीओं को पशुओं के लिए चारे का इंतजाम व सीएमओ को तराई के अस्पतालों में मेडिकल टीम सक्रिय करते हुए दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया है।
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सुजीत कुमार-डीएम
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