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Umesh Pal Hatyakand : माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के घरवालों ने पड़ोसी के यहां ली शरण

Sun, 05 Mar 2023 12:55 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी

सार

सरायअकिल कोतवाली इलाके के भखंदा गांव में शूटर अब्दुल कवि का घर जमींदोज होने के बाद उसके परिवार ने पड़ोसी रिश्तेदार के यहां शरण ली है। राजूपाल हत्याकांड में अब्दुल कवि का शूटर के तौर पर नाम प्रकाश में आने के बाद वह 18 साल से फरार है।
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कौशांबी : अतीक के करीबी कवि अहमद का ध्वस्त मकान। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सरायअकिल कोतवाली इलाके के भखंदा गांव में शूटर अब्दुल कवि का घर जमींदोज होने के बाद उसके परिवार ने पड़ोसी रिश्तेदार के यहां शरण ली है। राजूपाल हत्याकांड में अब्दुल कवि का शूटर के तौर पर नाम प्रकाश में आने के बाद वह 18 साल से फरार है। घर में शूटर के अधिवक्ता भाई अब्दुल कादिर परिवार के साथ रहते थे। अधिवक्ता का कहना है उन्होंने अपने शिक्षक और पुलिसकर्मी भाई के सहयोग से घर बनाया था। अब्दुल कवि को पिता ने पहले ही बेदखल कर दिया है। अब इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगें।

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भखंदा गांव निवासी अब्दुल गनी के पांच बेटों में अब्दुल कवि दूसरे नंबर का था। सबसे बड़ा बेटा अब्दुल वली और सबसे छोटा अब्दुल कादिर गांव में रहते हैं। तीसरे नंबर का अब्दुल फतेहपुर के राजकीय हाईस्कूल में शिक्षक हैं जबकि चौथे नंबर के अब्दुल मुगनी पुलिस विभाग में हैं। अब्दुल मुगनी की तैनाती हाईकोर्ट प्रयागराज की सुरक्षा में है। शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अब्दुल कादिर के घर को बुलडोजर से जमींदोज करा दिया।

बताया गया कि घर के तहखाने में अवैध असलहे छिपाकर रखे गए थे। ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस ने घर से छह असलहे व चापड़ और चाकू बरामद करने का दावा किया। इस बाबत अधिवक्ता अब्दुल कादिर का कहना है राजूपाल हत्याकांड में अब्दुल कवि का नाम प्रकाश आने के बाद वह घर कभी नहीं आया। परिवार ने उसे जायदाद से बेदखल भी कर दिया है। यहां तक की लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन मुकदमे में परिवार का कोई सदस्य पैरवी तक नहीं करता। उमेश पाल हत्याकांड के बाद एक मार्च को अचानक कई थानों की फोर्स उनके घर पहुंची। उस दिन वह मऊ-मानिकपुर के विधायक के यहां तेरहवीं भोज में थे। पत्नी ने फोन करके बताया कि पुलिस आई है और घर की तलाशी ले रही है।

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इस पर उन्होंने पत्नी को वीडियो बनाने के लिए कहा। पत्नी ने वीडियो बनाना चाहा तो पुलिस ने मोबाइल छीन लिया। इसके बाद पुलिस पिता की लाइसेंसी बंदूक, तीन बाइक, ट्रैक्टर व चार मोबाइल लेकर चली गई। शुक्रवार की शाम चार बजे फिर कई थानों की फोर्स पहुंची और महज एक घंटे में ही घर का समान बाहर निकालने की मोहलत दी। इसके बाद पुलिस ने जेसीबी व पोकलैंड से घर काे ध्वस्त करा दिया। घर के अंदर रखा सामान भी नष्ट हो गया है। अब्दुल कादिर ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। फिलहाल अब्दुल कादिर का परिवार पड़ोस में रहने वाले एक रिश्तेदार के यहां दो कमरों में शरण लिए है।

15 कमरों का था घर, दो कमरे में सिमटी जिंदगी

भखंदा में अब्दुल गनी के पैतृक घर में 15 कमरे बने थे। अब्दुल कादिर ने बताया कि उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन पर भाइयों से पैसा लेकर घर बनवाया था। अब परिवार के लोग पड़ोसी रिश्तेदार के यहां पनाह लिए हैं। रहने के लिए दो कमरे मिले है।

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