घर में शौचालय होता तो बच जाती बच्चियों की जान
हर तरफ स्वच्छ भारत मिशन का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनवाकर जनपद को खुले में शौंच मुक्त होने का दावा किया जा रहा है। प्रशासन के इस दावे की शनिवार की शाम कौशाम्बी ब्लॉक के मझियारी चक एलई रोशन गांव में असलियत सामने आ गई। जहां घर में शौचालय नहीं होने के कारण बाहर शौंच के लिए गई दो परिवार की पांच बच्चियां पानी भरे गड्ढे में डूब गईं।
पीड़ित श्रवण कुमार भट्ठे पर ईंरों की पथाई कर परिवार का खर्च चलाता है। श्रवण के मुताबिक गांव में वह छप्पर पर पन्नी डालकर परिवार के साथ गुजर बसर कर रहा है। कई बार उसने शौचालय व सरकारी आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन आज तक उसे न तो शौचालय मिला और न ही सरकारी आवास।
श्रवण का कहना है कि यदि घर में शौचालय होता तो उसकी बेटियां बाहर शौंच के लिए नहीं जाती और खेत की तरफ शौंच के लिए नहीं जाती तो बच्चियों की जान बच जाती। कमोबेस यही हाल पड़ोसी रामबली की भी है। इस बाबत बीडीओ प्रवीण कुमार का कहना है कि पीड़ित श्रवण कुमार को अभी तक सरकारी आवास व शौंचालय क्यों नहीं मिला? इसकी जांच करवाकर जल्द ही शौंचालय का निर्माण करवाया जाएगा।
घर की पटाई के लिए खेत में खोदवाए गड्ढे में भरा दिया था पानी
मझियारी चक एलई रोशन के हनुमान प्रसाद लोधी ने गांव के पास ही अपने खेत से जेसीबी से कुछ दिनों पहले मिट्टी खोदवा कर घर पटवाया था। उसी गड्ढे में अपने निजी नलकूप से पानी भरवा दिया था। जिसके चलते यह घटना हुई।