बैरिकेडिंग होती तो बच जाती जान
कड़ा धाम के कुबरी घाट पर छात्र की गंगा में डूबने से हुई मौत के बाद मौजूद लोगों का कहना था कि अगर बैरिकेडिंग की गई होती तो शायद जान बच जाती। लोगों का कहना है कि यहां आए दिन डूबने से लोगों की मौतें होती रहती हैं। फिर भी प्रशासन बैरीकेडिंग करवाने के लिए गम्भीर नहीं है।
दो घंटे पुल के पीपे फंसा रहा अनुराग
घाट पर मौजूद लोगों की मानें तो अनुराग गहरे पानी में समाने के बाद पुल में लगे पीपे के नीचे फंस गया था। जिसको खोजने में गोताखोरों को दो घंटे से अधिक समय लग गया। इसके बाद भी नदी से बाहर निकालने पर उसकी सांसें चल रही थी।