बारा। गांवों में सड़क के किनारे खुले में रखे ट्रांसफार्मर हादसे को दावत दे रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीण दहशत में हैं, लेकिन विभाग के अभियंता और कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र के बारा बाजार, दिया उपहार, बेरुई समेत अन्य गांवों में विभाग ने बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर लगा रखे हैं। नियमों के अनुरूप ट्रांसफार्मर को एक से डेढ़ मीटर ऊंचे चबूतरे पर रखना चाहिए। ट्रांसफार्मर में आने वाली सप्लाई के तारों में गार्डिंग होनी चाहिए। ट्रांसफार्मर के चारों ओर जाली की बेरिकेडिंग होनी चाहिए। इन सब मानकों को ताक पर रखकर गोपसहसा उपकेंद्र के अभियंताओं ने यहां ट्रांसफार्मर लगवाए हैं।
अभियंताओं ने महज चबूतरे पर ट्रांसफार्मर रखकर खानापूरी कर ली है। बिना सुरक्षा जाली और गार्डिंग के इनसे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। चंपहा में तो ट्रांसफार्मर जमीन पर ही रख दिया गया है। इन ट्रांसफार्मरों से मवेशियों को करंट लगने की घटनाएं तो आम हो गई हैं।
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विभाग को जनहानि का इंतजार
बारा बाजार के बुधराम यादव और राम प्रसाद ने बताया कि खुले में रखे ट्रांसफार्मर में आए दिन स्पार्किंग होती रहती है। चिंगारी आसपास गिरती रहती है। मवेशियों को करंट लगने की घटनाएं तो होती ही रहती हैं। शायद विभाग को जनहानि का इंतजार है। दिया उपहार के सुरेश कुमार, माता बदल, संतोष ने बताया कि बारिश के समय खुले में रखे ट्रांसफार्मर के आसपास जमीन में करंट उतर आता है। इससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। शिकायत के बाद भी अभियंता अनदेखी कर रहे हैं।
किन-किन गांवों में खुले में ट्रांसफार्मर रखे हैं, उनका सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद एस्टीमेट बनाकर स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही सुरक्षा जाली लगवाई जाएगी।
- सौरभ मौर्य, जेई, उपकेंद्र गोपसहसा