Token system over, farmers will be able to sell the entire paddy at the centers
धान क्रय केंद्रों पर उपज बेचने में किसानों को होने वाली परेशानी को देखते हुए शासन ने नियमों में ढील दी है। अब किसान एक बार में अपना पूरा धान क्रय केंद्रों पर लाकर बेच सकेंगे और इसके लिए उन्हें टोकन भी नहीं लेना पड़ेगा। शासन ने टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसके अलावा शासन ने 100 क्विंटल से अधिक धान होने पर एसडीएम द्वारा सत्यापन कराने की शर्त भी हटा दी है।
एक नवंबर से जिले भर में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की जा रही है। धान बेचने के लिए किसान को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद भी तमाम औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रहीं थीं। किसान को क्रय केंद्र से 50 क्विंटल का ही टोकन मिल रहा था। 100 क्विंटल से अधिक धान होने पर एसडीएम से सत्यापित कराना अनिवार्य किया गया था।
नियम और शर्तों की जटिलता के कारण किसान क्रय केंद्र पर धान बेचने से कतरा रहे थे। इसका फायदा आढ़ती और बिचौलिए उठाते हुए किसानों के घर जाकर समर्थन मूल्य से कम पर धान खरीद रहे हैं। क्रय केंद्रों पर किसानों को होने वाली परेशानी को देखते हुए शासन ने टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब किसान एक बार में अपना पूरा धान क्रय केंद्रों पर लाकर बेच सकेंगे। इसके अलावा शासन ने 100 क्विंटल से अधिक धान होने पर एसडीएम द्वारा सत्यापन कराने की शर्त भी हटा दी है।
धान बेचने के लिए किसान को सिर्फ खाद्य विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना ही अनिवार्य होगा। इसके बाद उसे किसी तरह की औपचारिकता नहीं करनी होगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर ने बताया कि शुरुआत में 18 क्रय केंद्रों से खरीद शुरू की गई थी, जिनकी संख्या बढ़ाकर 32 कर दी गई। अभी तक करीब सात हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है।
किसान एक बार में उतना धान बेच सकते हैं, जितना उन्होंने पंजीकरण के समय प्रपत्र में सत्यापित कराया था। इसके लिए उन्हें अब टोकन भी लेने की जरूरत नहीं होगी। किसानों को सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण ही कराना होगा।
अंशुमाली शंकर, डिप्टी आरएमओ