सदर कोतवाली के भक्तन का पूरा गांव में बुधवार दोपहर तालाब में नहाने गए तीन किशोर गहरे पानी में समा गए। इनमें से एक किशोर ने किसी तरह बाहर निकल कर शोर मचाया तो लोगों को घटना की जानकारी हुई। ग्रामीणों ने दोनों के शव तालाब से निकाले। घटना से पीड़ित परिवारों में कोहराम है।
भक्तन का पूरा गांव का रमाकांत (12) पुत्र स्व. कमल चंद्र व जगदीश (14) पुत्र छितानी लाल बुधवार दोपहर अपने एक अन्य दोस्त के साथ गांव के ही तालाब में नहाने गए थे। इस दौरान रमाकांत का पैर गड्ढे में फिसल गया और गहरे पानी में चला गया। रमाकांत को डूबता देख जगदीश ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी गहरे पानी में समा गया। दोनों के साथ रहे तीसरे साथी ने दोस्तों को डूबता देखा तो वह भी उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा।
खुद की जान पर खतरा महसूस होने पर वह किसी तरह बाहर निकला और शोर मचाने लगा। इस पर ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई तो मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस को सूचना देने के साथ ही ग्रामीण तालाब में डूबे किशोरों को खोजने में जुट गए। कुछ देर बाद रमाकांत व जगदीश के शव तालाब में उतराते हुए मिले। पुलिस की सूचना पर तहसीलदार भूपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने बताया कि मृतक के घरवालों को चार-चार लाख का मुआवजा दिलाया जाएगा।
दस साल पहले रमाकांत के पिता की हुई थी मौत
रमाकांत की मौत से उसके घरवालों में कोहराम है। ग्रामीणों ने बताया कि रमाकांत के पिता कमल चंद्र की 10 साल पहले करंट लगने से मौत हो चुकी है। रमाकांत की मां अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण मजदूरी करके किया करती है। बेटे की मौत से उसकी मां व छोटे भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।