गैर जिले और प्रांत में कमा रहे मजदूर, गांव में निकल रही मजदूरी
- कौशाम्बी के बंधुरी रसूलीपुर ग्राम पंचायत का मामला, डीपीआरओ ने दिए जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बारा। कौशाम्बी ब्लॉक के बंधुरी रसूलीपुर ग्राम पंचायत के सदस्यों ने मनरेगा में घोटाले की शिकायत की है। आरोप लगाया कि जो मजदूर गैर जनपदों और प्रांतों में कमा रहे हैं, उनके नाम की मजदूरी भी गांव में मनरेगा से निकाल ली गई। डीपीआरओ ने प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं।
बुंधरी रसूलीपुर निवासी विजय, धर्मेंद्र कुमार, राजू, करन मौर्या, मो. गुफरान ग्राम पंचायत के सदस्य हैं। इन ग्राम पंचायत सदस्यों का आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा के तहत गांव में मजदूरी की बड़ी हेराफेरी हुई। गांव में चल रहे कार्यों में 30 से 40 मजदूर काम करते थे, जबकि मस्टर रोल पर हाजिरी 70 से 80 मजदूरों की लगाई जाती थी। इसी तरह फर्जी हाजिरी लगाकर मनरेगा के लाखों रुपये का बंदर बाट गांव में किया गया। सदस्यों का कहना है कि इस धांधली की जानकारी उन्हें तब हुई जब मस्टर रोल निकाले गए। सदस्यों ने बताया कि जिन मजदूरों के नाम पर मजदूरी निकाली गई है उनमें से तमाम ऐसे हैं जो कानपुर या महराष्ट्र के मुंबई और कल्यान में रहकर नौकरी करते हैं। कभी-कभी ही गांव आते हैं, मगर मनरेगा में काम नहीं करते। जिस वक्त इनकी मनरेगा में हाजिरी दिखाई जा रही है, उस समय यह श्रमिक गांव में थे ही नहीं। ग्राम पंचायत सदस्यों ने मामले की शिकायत डीपीआरओ डॉ. बाल गोविंद श्रीवास्तव से की। डीपीआरओ ने खंड विकास अधिकारी प्रवीण कुमार को जांच करके रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए हैं।