हादसे में मौत नहीं, दोस्तों ने की थी लवकुश की हत्या
-अदालत के आदेश पर सात महीने बाद हत्या का मुकदमा दर्ज
17 मई को चित्रकूट के बरगढ़ रेलवे स्टेशन के पास मिला था सरायअकिल के बेनूर गांव के युवक का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
नेवादा। चित्रकूट जिले के बरगढ़ रेलवे स्टेशन के पास सात महीने पहले रेल पटरी के किनारे मिले सरायअकिल युवक के शव मामले में नया मोड़ आ गया है। उसके पिता का कहना है कि लवकुश की मौत हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि दोस्तों ने हत्या कर उसका शव फेंक दिया था। मामले में पिता की तहरीर व अदालत के आदेश पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
सरायअकिल कोतवाली के बेनपुर निवासी बब्लू ने बताया कि 16 मई को उसके बेटे रंजीत और बेटी देवी को पड़ोसी लवलेश मैहर ले जाने की बात कहकर निकला था। उस दिन वह दोनों को लेकर अपने फूफा कामता के घर प्रयागराज के लालापुर क्षेत्र के पड़ुआ गांव में रुका था। 17 मई को वहां से सभी शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन से ट्रेन पर बैठकर मैहर के लिए रवाना हुए। आरोप है कि बरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर लवलेश और कामता बेटे रंजीत को लेकर ट्रेन से उतर गए। अगले दिन रेलवे स्टेशन के समीप ही पटरियों पर रंजीत का क्षत विक्षत मिला। आरोप है कि बेटे के मौत की जानकारी देने से पहले ही लवलेश व कामता ने वहां की जीआरपी को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम भी करवा दिया था। तहरीर के बाद भी इलाकाई पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर सोमवार की देर शाम नामजद दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।