विदेशी बहू की मुंह दिखाई को लगा रहा तांता
बलराम के घर में रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। घर-परिवार के अलावा मोहल्ले के लोग विदेशी बहू की मुंह दिखाई के लिए होड़ लगाए रहे। बच्चों की टोली तो सुबह से ही घर में जमा हो गई थी। हलांकि मधुशा हिंदी बोल लेती है लेकिन बोली धारा-प्रवाह नहीं है। इसकी वजह से बच्चे उसकी नकल उतारते दिखे।
भारत की संस्कृति से अभिभूत है मधुशा
विदेशी मधुशा भारत की संस्कृति व संस्कार से अभिभूत है। अमर उजाला से बातचीत में उसका कहना है यहां हल्दी की रश्म, जयमाला, मेहंदी, मुंह दिखाई का कार्यक्रम बेहद अच्छा लगा। यह सारे कार्यक्रम अपनत्व का एहसास कराते हैं। यहां परिवार के लोगों ने लोगों ने वर व कन्या पक्ष की भूमिका निभाई जो अद्भुत थी।
श्रीलंका के हालत से चितिंत है मधुशा, पर उम्मीद कायम
आर्थिक संकट से घिरे श्रीलंका के हालात के बारे में पूछने पर मधुशा का कहना है कि वहां महंगाई बहुत ज्यादा हो गई है। लोग अपना कारोबार बंद कर रहे हैं। उसके पिता निर्मल भी बिजनेसमैन थे। लेकिन मंदी के कारण कारोबार चौपट हो गया है। वहां के लोग आर्थिक स्थित सुधारने के लिए दूसरे देश में कमाई के लिए जाने पर मजबूर होने लगे थे। अब सत्ता परिवर्तन हो चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही आर्थिक हालात में सुधार होगा।