प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन देकर कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश है कि अध्यापकों से शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त अन्य काम न कराया जाए।
विधानसभा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में बीएलओ ड्यूटी लगाने पर शिक्षक नाराज हो गए। मंगलवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर अध्यापकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग उठाई है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन देकर कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश है कि अध्यापकों से शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त अन्य काम न कराया जाए। न्यायालय के आदेश के बाद भी शिक्षकों को विधानसभा चुनाव के लिए बीएलओ बना दिया गया है।
यहां तक कि एकल विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी भी मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लगा दी गई है। एकल शिक्षकों की ड्यूटी लग जाने के कारण ऐसे विद्यालय बंद हो जाएंगे। साथ ही महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों का शिक्षण कार्य शुरू हो गया है, जबकि एक सितंबर से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को भी शिक्षा दी जानी है।
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ऐसे में कोरोना संक्रमण के चलते बंद पढ़ाई की पूर्ति भी कराई जानी है। यदि शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगी रही तो पठन-पाठन कार्य बाधित होगा। ऐसे में शिक्षकों ने डीएम सुजीत कुमार को शिकायती पत्र देकर बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। इस दौरान महामंत्री रामबाबू दिवाकर सहित दर्जनों शिक्षक मौजूद रहे।