सैनी कोतवाली के सिराथू कस्बे में 15 साल पहले हुई थी घटना, एडीजे प्रथम की अदालत ने सुनाया फैसला
मंझनपुर। एडीजे प्रथम राकेश कुमार की अदालत ने 15 साल पहले हुई गैर इरादतन हत्या के एक मामले की शुक्रवार को सुनवाई की। कोर्ट ने दोषी पिता-पुत्रों समेत तीन लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर साढ़े दस-दस हजार का अर्थदंड भी लगाया।
सैनी कोतवाली के सिराथू कस्बे के मिसनहाई मोहल्ला निवासी राजाराम यादव 13 अगस्त 2005 को घर के बाहर नाली सफाई कर रहा था। इस दौरान पड़ोसी श्यामलाल से पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया।
बात बढ़ने पर श्यामलाल व उसके बेटे संतोष और सूरजभान ने लाठी-डंडा व पत्थर से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे राजाराम के बेटे सुरेश को हमलावरों ने बेरहमी से पीट दिया। जख्मी पिता-पुत्र को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर सुरेश को एसआरएन में भर्ती कराया गया। जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता राजाराम ने मामले में श्यामलाल व उसके दोनों बेटों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमा एडीजे प्रथम राकेश कुमार की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्घ कुमार मिश्रा ने अपेक्षित गवाह प्रस्तुत किए। गवाहों के बयान व पत्रावली में मौजूद साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। वादी राजाराम का कहना था कि वह हाईकोर्ट में अपील कर आरोपियों की सजा बढ़वाना का प्रयास करेगा।