Servers of cooperative societies disrupted, farmers battling for fertilizer
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रबी फसल की बुआई के समय किसानों को खाद-बीज के संकट से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र की सहकारी समितियों में खाद-बीज नहीं है। जहां, उपलब्ध भी है तो वहां सर्वर खराब होने के कारण किसानों को भटकना पड़ रहा है। बुधवार को चायल इलाके की सहकारी समितियों में कुछ ऐसी ही स्थिति रही। नतीजतन घंटों लाइन लगाने के बाद भी किसानों को वापस होना पड़ा है।
दोआबा में रबी फसलों की बुआई का समय निकलता जा रहा है। खेतों की नमी जा रही है। डीएपी नहीं मिलने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसान बाजारों में महंगे दामों पर डीएपी खरीदने को मजबूर हैं।
चायल क्षेत्र की सहकारी समितियों में हालात ये हैं कि किसानों को वहां सीधे खाद नहीं मिल रही है। कुछ समितियों में खाद ही नहीं है, जहां उपलब्धता है, वहां सर्वर की वजह से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को नेवादा विकास खंड के तिलगोड़ी गांव स्थित सहकारी समिति में खाद लेने के लिए आए किसानों को सर्वर खराब होने के कारण समिति में कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
समिति में खाद लेने के लिए पहुंचे मखऊपर के किसान अरुण यादव, कल्लू यादव, जंगबहादुर, नीलेश चंद्र, आदि ने बताया कि करीब एक सप्ताह से समितियों में यह समस्या बनी हुई है। किसान खाद लेने के लिए आते हैं लेकिन मायूस होकर लौट जाते हैं। यही स्थित अयोध्या का पूरा गांव स्थित सहकारी समिति की है।
यहां पर यूरिया तो है लेकिन डीएपी नहीं है। किसान डीएपी खाद के लिए समिति का चक्कर काट रहे हैं। समिति के सचिव नंद किशोर यादव ने बताया कि पिछले तीन महीने में अब तक समिति से कुल 55 क्विंटल डीएपी खाद बेची गई है। अब यह खाद खत्म हो गई है। विभाग से डिमांड की गई है। सर्वर खराब होने के कारण किसानों को समस्या हो रही है।