जिले के नामित नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा सुभाष चंद्र शर्मा ने शनिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में व्यवस्था देखते ही उनका परा चढ़ गया। अस्पताल में स्वच्छता मानक की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
अस्पताल के चारों तरफ गंदे जल भराव, बिल्डिंग पर पीपल के पौधे, खरपतवार देख उन्होंने अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ अरविंद कनौजिया से नाराजगी जताई। इस दौरान जिलाधिकारी सुजीत कुमार व सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी सहित सीएमओ डॉ. केसी राय को व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।
कोविड-19 के तीसरी लहर को देखते हुए प्रमुख सचिव जिले के चार दिवसीय दौरे पर आए हैं। यहां वह विकास कार्यों की जमीनी हकीकत, निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, सहित स्वास्थ्य महकमे की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। दौरे के पहले ही दिन सुबह करीब 9.45 बजे प्रमुख सचिव, डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ शशिकांत शुक्ला के साथ संयुक्त जिला अस्पताल पहुंच गए।
गाड़ियों से बाहर उतरते ही अफसरों की नजर सबसे पहले अस्पताल की नवनिर्मित बिल्डिंग एमसीएच विंग (महिला एवं बाल अस्पताल) पर पड़ी। भवन के ऊपरी हिस्से में खर-पतवार व पीपल के पौधे देख उन्होंने प्रभारी सीएमएस डॉ अरविंद कनौजिया से कड़ी नाराजगी जताई।
बिल्डिंग के निचले हिस्से में जगह जगह गंदे जल भराव देख अस्पताल के डॉक्टरों को कहा खाली नीली-पीली दवाएं ही मरीज को मत खिलाइये, सफाई पर भी ध्यान दीजिए, दवा खिलाने की जरूरत कम पड़ेगी। उन्होंने अस्पताल परिसर की बेहतर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने, जल जमाव न होने देने एवं घास व झाड़ियों की कटाई कराने के निर्देश दिए।
अस्पताल में मरीजों से वार्ता कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। उपस्थित मरीजों एवं परिजनों से मास्क लगाने एवं हाथों को साबुन से बार-बार धोने की बात कही। डिस्पेंसरी के निरीक्षण के दौरान उपलब्ध दवाओं एवं बच्चों को दी जा रही दवाओं की जानकारी ली।
ओपीडी सेक्शन में उन्होंने ज्यादातर चिकित्सकों को अनुपस्थित पाया। बाल रोग चिकित्सक डॉ. विश्व प्रकास से बच्चों के इलाज के संबंध में अस्पताल व्यवस्था की जानकारी हासिल की। चैंबर से नदारद डॉक्टरों के संबंध में जिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
शौचालय में बंद रहा ताला, नोडल अफसर ने लगाई फटकार
नोडल अधिकारी ने बीआरसी सरसवां के खरगन गोराजू प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्थित शौचालय में ताला बंद होने पर जमकर फटकार लगाते हुए तुरंत ताला खोलने का निर्देश दिया।
उन्हाेंने शासन के निर्देशानुसार दो शिफ्ट में बच्चों को विद्यालय बुलाने का निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी बच्चा जरा सा भी बीमार लगे तो तत्काल इलाज कराया जाए। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूल में कार्य न कराए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की।
टाइल्स, पेयजल, बिजली कनेक्शन एवं बाउंड्रीवाल का कार्य शीघ्र कराने का निर्देश दिया। बच्चों से कहा कि अपने हाथ को खाना खाने से पहले एवं बार-बार अच्छी तरह धोयें। ग्रामीणों से मास्क लगाने, हाथों का बार-बार धोने एवं जल जमाव न होने देने, घर के आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने की बात कही।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पभोषा का किया निरीक्षण
नोडल अधिकारी ने ग्राम पभोषा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम सदर को फसल नुकसान का आकलन कराकर शीघ्र आर्थिक सहायता दिए जाने का निर्देश दिया। प्रधान से पेयजल की समस्या, बाढ़ के कारण कोई बीमारी तो नहीं फैली है आदि की जानकारी प्राप्त की।