प्रदेश सरकार भले ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत इसके अलग है। बिजिया चौराहा से दिया तक की सड़क बदहाल है। तकरीबन 25 किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह ध्वस्त है। गड्ढों की वजह से राहगीरों का सफर जोखिमभरा हो गया है। मरम्मत के नाम पर कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने पैच वर्क का आधा-अधूरा काम कर छोड़ दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया सामग्री लगाकर सिर्फ खानापूरी की गई है। दिन भर ओवरलोड खनिज वाहनों के चलने से मार्ग ध्वस्त हो गया है।
यहां से प्रतिदिन गुजरने वाले राहगीर इस मार्ग के गड्ढों से परेशान हैं। क्षेत्र के ढाई दर्जन गांवों के लोग इस सड़क से आवागमन करते हैं। जोगापुर, मैनहाई, हिसामबाद, गौरये, गोपसहसा, बरमबारी, दाई का पूरा, चांदकन, गुरौली, बेरौंचा, सोनवारा, जुगराजपुर, कैलाशपुर, महिला, छेकवा, दिया आदि गांवों की करीब 30 हजार आबादी इस समस्या से प्रभावित हो रही है।
क्षेत्र के अंकित तिवारी, सौरभ, अमित कुमार, प्रभाकर मिश्रा, सतीश तिवारी, लक्ष्मी नारायण आदि का कहना है कि कई बार वह लोग जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन तक से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
बिजिया चौराहा से गोपसहसा तक और गुरौली से दिया उपरहार तक सड़क चौड़ीकरण होना है। पहले यह रोड पौने चार मीटर थी, अब इसे साढ़े पांच मीटर चौड़ी बनाया जाएगा। प्रथम चरण में गुरौली से दिया उपरहार तक मिट्टी डालने का काम शुरू हो गया है। अरुण कुमार कुशवाहा-अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग, कौशाम्बी