Fearing food grain recovery, 2350 ineligible people surrendered their ration cards
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाली राशन सामग्री को जनपद के 15 हजार अपात्र ले रहे हैं। इन्हें योजना से वंचित करने के लिए राशन कार्डों का सत्यापन कराया जा रहा है। 27 मई तक कार्ड सरेंडर नहीं करने वाले अपात्रों से लिए गए खाद्यान्न की कीमत वसूली जाएगी। हालांकि, इस डर से अब तक जिले के 2350 अपात्रों ने डीएसओ कार्यालय पहुंचकर अपने-अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं।
जिले भर में पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या तीन लाख के करीब है। इनमें 15 हजार से अधिक लोगों ने तथ्यों को छिपाकर राशन कार्ड बनवा लिया है। इसकी वजह से पात्र व्यक्तियों को मुफ्त में राशन तेल व नमक नहीं मिल पा रहा है। अपात्रों को योजना के लाभ से वंचित करने के लिए शासन के निर्देश पर डीएम सुजीत कुमार ने कार्डों के सत्यापन के लिए टीम गठित की है।
टीम में नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक शामिल हैं। डीएसओ अमित कुमार तिवारी ने बताया कि अपात्रों को 15 मई तक कार्ड सरेंडर करने का मौका मौका दिया गया था। जिलाधिकारी ने इसे 27 मई तक बढ़ा दिया है। चेताया कि निर्धारित समय में कार्ड समर्पण नहीं करने वालों से अब तक लिए गए मुफ्त राशन की कीमत वसूली जाएगी। डीएसओ ने बताया कि अब तक जिले के 2350 अपात्रों ने कार्यालय पहुंचकर अपने-अपने राशन कार्ड समर्पण कर दिया है।
ये हैं राशन कार्ड के लिए पात्र
डीएसओ ने बताया कि पात्र गृहस्थी के तहत उन्हीं व्यक्तियों को कार्ड जारी किया जा सकता है, जिनके परिवार में चार पहिया वाहन, पांच केवीए या उससे अधिक का जनरेटर न हो। आवेदनकर्ता आयकरदाता न हो, परिवार में किसी सदस्य के नाम पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि न हो। कार्ड धारक के परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस न हो। इनमें से किसी एक बिंदु पर खरा उतरने वाले व्यक्ति को राशन कार्ड नहीं जारी किया जा सकता है। लिहाजा ऐसे लोग तत्काल अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दें।