दहेज हत्या के आरोपी पति को 14 साल की सजा
- अपर जिला जज एफटीसी प्रथम की अदालत ने लगाया 60 हजार का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दहेज के लिए नव विवाहिता की हत्या के एक मामले की सोमवार को सुनवाई हुई। इसमें कोर्ट ने आरोपी पति को कोर्ट ने 14 साल की सजा व 60 हजार का जुर्माना लगाया है। जबकि मुकदमे के आरोपी सास-ससुर और देवर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार पश्चिमशरीरा कोतवाली के रक्सौली गांव की शोभा पत्नी जितेंद्र ने अपनी बेटी श्वेता की शादी 13 मार्च 2018 को अलवारा निवासी ओमप्रकाश के साथ की थी। शादी में उसने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज भी दिया। इसके बावजूद ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज के रूप में फ्रीज, कूलर और सोने की चेन की मांग कर रहे थे। इसे लेकर ससुराली श्वेता को प्रताड़ित कर रहे थे। शादी के महज 54 दिन बाद 7 मई 18 को ससुरालियों ने श्वेता की फांसी लगाकर हत्या कर दी। मामले में मृतका के मां की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास-ससुर और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम कीर्ति कुणाल की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता अनुरुद्ध कुमार मिश्रा ने कुल गवाह प्रस्तुत किए। गवाहों के बयान एवं पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।