पहले गुटखा खाया, फिर फोन से दी पुलिस को सूचना
कोखराज कोतवाली के ककोढ़ा के पास हाईवे पर हुई लूट की वारदात में ड्राइवरों की भूमिका भी संदिग्ध है। खास बात यह कि दूसरे ड्राइवर ने लूट की सूचना पुलिस को देने से पहले ढाबे में जाकर गुटखा खाया। इसके बाद बगल स्थित पंचर की दुकान पर जाकर फोन लेकर पुलिस को सूचना दी।ककोढ़ा गांव स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के पास लूटपाट होने की घटना बताई जा रही है। यहां मोड़ होने के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो जाती है। आमतौर पर हाईवे पर जो वाहन सौ की रफ्तार से फर्राटा भरते हैं, वह यहां पहुंचने के बाद 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरते हैं। ककोढ़ा के पास पंचर बनाने वाले राम प्रकाश पाठक ने बताया कि रात को उनका बेटा सत्यम दुकान पर था। देर रात एक व्यक्ति पहुंचा और उसने बगल के ढाबे से गुटखा खरीद कर खाया। इसके बाद उसने ढाबा संचालक को फोन करने के लिए मोबाइल मांगा।
फोन देने से मना किया तो वह उसकी दुकान आया और मौके पर मौजूद बेटे सत्यम से मोबाइल लेकर किसी को फोन किया और वहीं पर बैठा रहा। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई। राम प्रकाश के मुताबिक उसके बेेटे सत्यम पाठक को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इसके बाद जिस व्यक्ति ने पंचर वाले के यहां से फोन किया था उसके साथी को भी घटना स्थल से करीब दो सौ मीटर दूरी से बरामद किया गया।
चालक साइड का तोड़ा शीशा, फिर दिया घटना को अंजाम
एसयूवी सवार लूट के शिकार पिंटू के मुताबिक वह गाड़ी चला रहा था। साथ रहा दूसरा चालक गाड़ी के पीछे वाली सीट पर सो रहा था। ककोढ़ा के पास गाड़ी की रफ्तार धीमी करनी पड़ी तभी पीछे से आए दो कार सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर उसकी गाड़ी रोक ली। उसने गाड़ी बैक लेकर दूसरी साइड से भागना चाहा तो देखा कि पीछे की तरफ भी एक चार पहिया गाड़ी रुकी थी। बाद में पुलिस वालों से पता चला कि उसकी गाड़ी कड़ा कोतवाली के जमालमऊ गांव से बरामद हुई। साथी चालक भी घटना स्थल से दो सौ मीटर की दूरी पर मिला।
सर्विलांस के सहारे पुलिस, नहीं मिल रही लोकेशन
लूट के शिकार कार सवार लोगों की मानें तो बदमाशों ने उनका मोबाइल भी छीन लिया था। पुलिस कथित तौर पर छीने गए मोबाइल के नंबरों को सर्विलांस के सहारे ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। लेकिन रविवार शाम तक किसी मोबाइल की लोकेशन नहीं मिल सकी। सूत्रों की मानें तो दोनों चालकों के मोबाइल स्विच ऑफ बता रहे थे।