डिप्टी सीएम व लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद प्रसाद मौर्य के गृह जनपद में सड़क बनाने के नाम पर उनका ही विभाग खिलवाड़ कर रहा है। मुख्यालय से सटे समदा से अर्का फतेहपुर मार्ग की दूरी भले ही 12 किलोमीटर हो लेकिन इसके बीच में आए 25 बिजली के पोल व दो पेड़ को नहीं हटाए गए। नतीजतन आए दिन सड़क के बीच खड़े खंभों और पेड़ से टकराकर लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
समदा से अर्का फतेहपुर के बीच 12 किलोमीटर की दूरी है। यह सड़क पहले तीन मीटर चौड़ी थी। करीब दो साल पहले लोक निर्माण विभाग ने सड़क को साढ़े पांच मीटर चौड़ा कर दिया।
इस दौरान पहले से लगे बिजली के पोल कहीं सड़क के बीच में आ गए तो कहीं एकदम किनारे। नियमानुसार किसी भी संस्था को सड़क चौड़ीकरण के पहले उसकी जद में आने वाले बिजली के पोल या पेड़ हटाने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करना पड़ता है। इसके लिए संबंधित विभाग से इस्टीमेट बनता है। संबंधित विभाग को उस इस्टीमेट का पैसा दिया जाता है।
इसके बाद वह विभाग बिजली के पोल या फिर पेड़ को कटवाता है। लेकिन समदा से अर्का फतेहपुर मार्ग में सारे नियमों की लोक निर्माण विभाग ने अनदेखी की। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क आए दिन लोगों के खून से लाल हो रही है। जानकारी के बाद भी लोक निर्माण विभाग के अफसर इस तरह ध्यान नहीं दे रहे हैं।
यहां आए दिन होते हैं हादसे
अमुरा गांव के पास सड़क के बीच में पेड़ है। यहां डेढ़ महीने पहले पवांरा गांव का एक युवक अपनी बाइक समेत पेड़ से टकरा गया। हादसे में मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
तीन महीने पहले पिपरकुंडी गांव के समीप सड़क पर लगे बिजली के पोल से टकराने से एक व्यक्ति की जान चली गई।
दो महीने पहले भइला मकदूमपुुर गांव के समीप के एक चार पहिया सवार लोग पेड़ से टकरा गए। हादसे में सभी को गंभीर चोटें आई थीं।
कादिराबाद गांव के आगे सड़क के ठीक किनारे स्थित पेड़ से टकराने के बाद बाइक सवार युवक कोमा में चला गया था। दो महीने से उसका प्रयागराज के अस्पताल से इलाज हो रहा है।
सड़क पर यहां हैं ज्यादा खतरा
0- भइला मकदूमपुर गांव के समीप सड़क पर दो पेड़ हैं।
0- पिपरकुंडी गांव के समीप सड़क पर बिजली का पोल है।
0- 12 किलोमीटर की सड़क में 25 स्थानों पर बिजली के पोल या तो सड़क पर हैं या फिर एकदम किनारे लगे हैं।
0- दो स्थानों पर पेड़ भी लगे हैं।
अगर किसी सड़क के चौड़ीकरण में बिजली के पोल आते हैं तो संबंधित विभाग को बिजली विभाग के पास इस्टीमेट के लिए आवेदन करना चाहिए। इस्टीमेट का पैसा मिलने के बाद बिजली विभाग खुद ही पोल हटवा लेता। लेकिन लोक निर्माण विभाग की तरफ से ऐसा कोई इस्टीमेट के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा गया था।
अंकित कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत
सड़क चौड़ीकरण के दौरान कई जगह से पेड़ कटवाए गए हैं। बिजली विभाग को इस्टीमेट नहीं गया, इसकी जानकारी नहीं है। बिजली के जिन पोल से खतरा है वहां पर संकेतक लगाए गए हैं। फिलहाल पोल हटवाने का प्रयास किया जाएगा। इससे पहले करारी-शाहपुर मार्ग का प्रस्ताव बिजली विभाग को भेजा गया था लेकिन अब तक वहां पर भी बिजली विभाग की तरफ से कोई काम नहीं कराया गया।
रवींद्र कुमार, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग