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सिर्फ ढाई फीसदी दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाता घर बैठे डालना चाहते हैं वोट

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दोआबा के दिव्यांग और बुजुर्ग घर पर रहकर लोकतंत्र का उत्सव मनाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। घर बैठे वोट डालने के लिए सिर्फ 544 यानी ढाई फीसदी बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाता ही राजी हुए हैं। बूथ दिवस से पहले 19, 20 और 21 फरवरी को पोलिंग पार्टियां इनके घर दस्तक देंगी। पोलिंग पार्टियों का मुखिया पीठासीन अधिकारी के रूप में राजपत्रित अधिकारी होगा। वहीं, दूसरी तरफ 20 हजार से ज्यादा दिव्यांग और बुजुर्ग बूथों पर पहुंचकर लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी निभाएंगे।
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जिले की तीनों विधानसभा में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले 10,942 और 9,668 दिव्यांग मतदाता हैं। निर्वाचन आयोग ने पहली बार यह व्यवस्था की है कि इन दोनों श्रेणी के मतदाता अपने घर में ही बैलेट पेपर से वोट दे सकेंगे। इच्छुक मतदाताओं से प्रशासन ने सहमति पत्र मांगे थे। इस पर 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 345 और दिव्यांग श्रेणी के 199 समेत 545 मतदाताओं ने ही घर बैठे मतदान के लिए आवेदन किए। उप निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम जयचंद्र पांडेय ने बताया कि विधान सभावार टीमों का गठन किया जा रहा है।
एक-एक टीम रिजर्व में रहेगी। प्रत्येक टीम में राजपत्रित अधिकारी को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। साथ ही माइक्रो आब्जर्वर और पुलिस शामिल रहेगी। मतदाता के घर पर जाकर टीम पोलिंग बूथ बनाकर मतपत्र देगी। बूथ में गोपनीयता बरकरार रखते हुए बैलेट पेपर पर चुनाव चिह्न के सामने टिक लगाने के बाद इसे मतपत्र पेटिका में डाला जाएगा। इसकी वीडियोग्राफी भी होगी। इस प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशी चाहेंगे तो अपना पोलिंग एजेंट भी उपस्थित रख सकेंगे।
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विधानसभा वार दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाता
विधानसभा बुजुर्ग सहमत दिव्यांग सहमत
सिराथू 4155 114 3022 99
मंझनपुर 3325 68 3465 15
चायल 3642 163 3181 85
कुल 20,610 345 9668 199
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