फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: सात धान क्रय केंद्र बंद, चार में खरीद पर रोक

Mon, 30 Jan 2023 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
विज्ञापन
सात धान क्रय केंद्र बंद, चार में खरीद पर रोक, किसानों की बढ़ी परेशानी
विज्ञापन

राज्य स्तर का लक्ष्य पूरा होने पर यूपीएसएस के मुख्यालय से आया क्रय केंद्र बंद करने का फरमान
भुगतान की रफ्तार धीमी देख मंडी समिति और पीसीएफ के केंद्रों को तौल कराने से रोका गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अभी तक न तो धान खरीद का लक्ष्य पूरा हुआ और न ही समय। इसके बावजूद 11 खरीद केंद्रों में तौल बंद हो गई है। प्रदेश स्तर पर लक्ष्य पूरा होने के कारण यूपीएसएस के सात केंद्रों को पूरी तरह से बंद करने का फरमान राज्य से जारी किया गया है। जबकि, मंडी परिषद और पीसीएफ के दो-दो केंद्रों पर भुगतान ज्यादा लंबित होने के चलते खरीद से रोक लगा दी गई है। इसकी वजह से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
एक नवंबर से धान खरीद शुरू हुई है। इसके लिए दोआबा में अलग-अलग एजेंसियों के 37 केंद्र खोले गए थे। शासन से जिले को 70 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य मिला है। इसी आधार पर जिलेस्तर से एजेंसियों को लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य स्तर पर एजेंसियों का लक्ष्य अलग से निर्धारित किया गया था। यूपीएसएस के भी सात केंद्र जिले में खोले गए थे। इन्हें 15 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद करनी थी, जबकि केवल 12 हजार मीट्रिक टन खरीद ही एजेंसी ने की।
विज्ञापन

राज्य स्तर पर यूपीएसएस को मिला लक्ष्य पूरा हो गया था, इस नाते एजेंसी के सभी खरीद क्रय केंद्र बंद करने का आदेश जारी हो गया। हालांकि, जनपद में यूपीएसएस को दिया गया लक्ष्य अधूरा है, फिर भी शासन स्तर से जारी फरमान के चलते सातों केंद्र पिछले हफ्ते ही बंद कर दिए गए। इनमें यूपीएसएस का एदिलपुर, ओसा प्रथम, ओसा द्वितीय, कोरियो, मनकापुर, कनवार, पश्चिमशरीरा सेंटर शामिल हैं। वहीं मंडी परिषद के ओसा प्रथम, ओसा द्वितीय और पीसीएफ के अजुहा एवं चित्तापुर में खुले धान खरीद केंद्र पर भी तौल नहीं हो रही है। इन चारों केंद्रों पर पहले से खरीदे गए धान के भुगतान की रफ्तार काफी धीमी है। अब तक मात्र 35 फीसदी किसानों को ही उनकी उपज का दाम मिल सका है, जिसे देखते हुए इन केंद्रों को तौल कराने से रोक दिया गया है। इस तरह धान खरीद का लक्ष्य और समय पूरा होने के पहले ही जिले में 11 क्रय केंद्र बंद हो गए हैं, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

मंडी समिति में बचे केवल तीन केंद्र
ओसा स्थित मंडी समिति में अब तक सात धान क्रय केंद्र चल रहे थे। इसमें मंडी परिषद के तीन, खाद्य विभाग के दो, यूपीएसएस के दो केंद्र शामिल हैं। इनमें से यूपीएसएस के दो केंद्र बंद हो गए। जबकि, मंडी परिषद के दो केंद्रों पर धान की खरीद से रोक लगी है। इस तरह खाद्य विभाग के दो और मंडी परिषद के एक सेंटर सहित कुल तीन केंद्र ही बचे हैं, जिनमें धान खरीदा जा रहा है।

धान खरीद की शुरुआत में केंद्रों पर उमड़ी भीड़ के चलते तमाम किसान धान नहीं बेच सके थे। केंद्रों पर भीड़ छटी तो लोगों का भुगतान अटका रहा गया। सारी स्थितियां ठीक होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही केंद्र बंद हो गए। इससे परेशानी हो रही है।-उमेश कुमार मौर्य, धुमाई, अजुहा

धान खरीद 28 फरवरी तक होनी है। इसके पहले ही तमाम धान क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। यह पूरी तरह से गलत है। इसकी वजह से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अन्नदाताओं की सहूलियत को देखते हुए निर्धारित समय तक सारे क्रय केंद्र चलाए जाने चाहिए।-सचिन कुमार मौर्य, धुमाई, अजुहा
विज्ञापन


राज्य स्तर पर यूपीएसएस का लक्ष्य पूरा होने के कारण जिले में संचालित एजेंसी के सातों केंद्र बंद कर दिए गए हैं। वहीं भुगतान में सुस्ती के कारण मंडी समिति और पीसीएफ के दो-दो केंद्रों पर भी तौल रोकी गई है। फिलहाल जिले में 26 केंद्रों पर धान खरीद हो रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 90 फीसदी धान किसानों से खरीदा जा चुका है।-अंशुमाली शंकर, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें