मृतक शिवसरन और बृजकली। फाइल फोटो
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पोस्टमार्टम में उसके गर्भ से गोली के साथ करीब छह माह का भ्रूण भी निकला। चिकित्सकों ने शनिवार को सभी का शव पुलिस को सौंपा। छबिलवा के समीप ही उमरछा घाट पर पिता-पुत्री को दफन किया गया। यहां तीन कब्र खोदी गईं थी। लेकिन लाश सिर्फ दो में ही दफन की गई। बृजकली के साथ ही उसके अजन्मे बच्चे को भी दफन किया गया।
पास ही दूसरी कब्र में होरीलाल दफनाया गया। जबकि शिवसरन का अंतिम संस्कार उसके गांव कांकराबाद के समीप संदीपन स्थित गंगा घाट में किया गया। सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि विवाहिता गर्भवती थी। भ्रूण को उसी के साथ दफन कराया गया है।
किसी का नहीं हुआ दाह संस्कार
होरीलाल, उसकी बेटी बृजकली व दामाद शिवसरन के शव तो दफना दिए गए, लेकिन किसी का दाह संस्कार नहीं हुआ। पुलिस ने आनन-फानन शवों का अंतिम संस्कार अपनी मौजूदगी में करा दिया।