डायट मैदान से दो दिन पहले अगवा मासूम साहिल को पुलिस ने बृहस्पतिवार को बरामद कर लिया। मासूम को उसकी मां ने साजिश के तहत अपने प्रेमी के साथ अगवा कराया था। पुलिस ने आरोपी मां और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
करारी कस्बे के किंगनगर मोहल्ला निवासी जगदीश की शादी पांच साल पहले औधन गांव की शालू के साथ हुई थी। शादी के बाद एक बेटा साहिल (4) है। जगदीश बाहर रहकर कमाता है। उसकी मां को वृद्धा पेंशन मिलती है। पिछले दिनों जब वह घर आया तो पता चला कि मां को तीन साल से पेंशन ही नहीं मिल रही है।
इसी बात की जानकारी करने के लिए मंगलवार को वह अपनी पत्नी शालू, बेटे साहिल व मां के साथ विकास भवन आया था। पत्नी व बेटे को विकास भवन के समीप बने कचहरी के अस्थाई लॉकअप के पास रोककर वह मां के साथ विकास भवन चल गया। कुछ देर बाद लौटा तो देखा पत्नी रो रही थी और बेटा वहां नहीं था।
पत्नी ने बताया कि वह बेटे को सड़क पर खड़ा करके लघुशंका करने चली गई थी। इस बीच बच्चा कहां गया? इसकी जानकारी नहीं है। घटना की जानकारी फौरन पुलिस को दी गई। नगर कोतवाली में मासूम के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस बरामदगी में जुट गई। बृहस्पतिवार को पुलिस आफिस में प्रेस वार्ता कर एसपी राधेश्याम ने मासूम की बरामदगी के बारे में जानकारी दी।
बताया कि मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने एसओजी टीम के साथ मिलकर सर्विलांस की मदद से मासूम साहिल को बरामद कर लिया है। मासूम को उसकी मां ने साजिश के तहत बहराइच जनपद के मतीपुर थानांतर्गत बगहा गांव निवासी अपने प्रेमी देवी प्रसाद से अगवा कराया था। बच्चे के बाद वह खुद उसके साथ भागने के फिराक में थी।
पुलिस टीम ने मासूम समेत अपहर्ता को अल्लीपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया। वह बच्चे को एक ऑटो से लेकर भरवारी की तरफ जा रहा था। देवी के बयान पर मासूम की मां को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ लिखापढ़ी कर जेल भेज दिया।
इससे पहले भी दो बार प्रेमी के साथ भाग चुकी है मासूम की मां
पुलिसिया छानबीन में पता चला कि पति-पति के बीत रिश्ते ज्यादा अच्छे नहीं है। इससे पहले भी शालू अपने प्रेमी के साथ भाग चुकी है। शादी के पांच वर्ष के दौरान शालू का पति से करीब साल भर तक अलगाव भी रहा। हालांकि बाद में रिश्तेदारों ने पंचायत कर दोनों को फिर से मिला दिया था।