नेवादा के बसुहार गांव में मृत चिड़िया को हाथ में लेकर दिखता युवक। स्रोत: ग्रामीण
भीषण गर्मी ने इंसान के साथ-साथ पक्षियों का जीना मुहाल कर दिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। पेड़ों और छतों पर चहचहाने वाले पक्षियों की आवाजें भी अब सुनाई नहीं दे रहीं।
पानी और छांव की कमी के चलते पक्षियों की हालत खराब हो रही है। सोमवार को एक पक्षी की मौत हो गई। पिछले दिनों सिराथू क्षेत्र में गर्मी के चलते एक मोर की मौत हो गई थी।
सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर होते-होते बाजार और सड़कें सूनी नजर आने लगीं। लोगों के मोबाइल फोन पर लगातार लू चलने की चेतावनी के संदेश आते रहे। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाने लगेंगे, जिससे मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।
नेवादा के बसुहार गांव में मृत चिड़िया को हाथ में लेकर दिखता युवक। स्रोत: ग्रामीण