जिले में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए खुले अधिकतर उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर आए दिन ताला लटकता रहता है। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। प्रदेश भर में पांच दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्वास्थ्य केन्द्रों का लोकार्पण किया था।
नेवादा ब्लॉक क्षेत्र के मुस्तफाबाद, बरेठी आमदपुर, पेरई, बिरनेर व खपरा खंदेवरा गांव में भी स्वास्थ्य विभाग ने किराये के भवनों में केन्द्र खुलवा दिया। केंद्रों पर कुछ दवाएं, फर्नीचर व स्टेशनरी का सामान भेजकर संचालन की जिम्मेदारी पीएचसी की एएनएम को दी गई। लेकिन गांव वालों को आज तक पता ही नहीं कि उनके गांव में भी कोई नया अस्पताल खुला है।
गिने चुने ग्रामीणों की मानें तो खोले गए नवीन उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर सप्ताह में केवल दो दिन बुधवार व शनिवार को सिर्फ गर्भवती महिलाओं, बच्चों का टीकाकरण कुछ घंटों के लिए किया जाता है। बाकी दिनों केन्द्रों में सिर्फ ताला ही लटकता रहता है।
ग्रामीणों को गांव में ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए नेवादा ब्लॉक के पांच गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपस्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं। पीएचसी नेवादा में तैनात एएनएम रेखा चौधरी को मुस्तफाबाद, नीतू को बरेठी आमदपुर, प्रियंका यादव को पेरई, संगीता सिंह को बिरनेर व सुनीता कुशवाहा को खपरा खंदेवरा में खुले केंद्रों का चार्ज दे दिया गया है।
किराये के भवनों में संचालित केंद्रों के मालिकों को भी तीन हजार रुपया प्रति महीने का चार महीनों का एडवांस किराया खातों में भेज दिया गया। लेकिन इन केंद्रों पर ग्रामीणों को सप्ताह में दो दिन सिर्फ टीकाकरण के अलावा अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल सकी। गांव वालों के मुताबिक केंद्रों का ताला सिर्फ बुधवार व शनिवार को ही खुलता है। बाकी दिनों में ताला लटकता रहता है। गांवों में नए अस्पताल खुलने के बावजूद इलाज के लिए आज भी ग्रामीणों को पीएचसी, सीएचसी अथवा निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
शासन स्तर से अभी तक केंद्रों पर एएनएम की तैनाती नहीं की गई है, पीएचसी पर तैनात एएनएम को केंद्रों का चार्ज दिया गया है। जैसे ही नियमित स्टाफ की तैनाती हो जायेगी। केंद्र नियमित रूप से खुलेंगे भी और ग्रामीणों को इलाज की सुविधाएं भी मिलेगी। डॉ.ललित कुमार सिंह-प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी नेवादा