करारी कोतवाली के गुलामीपुर गांव निवासी रामधीरज पासी की पत्नी सुनीता देवी अपने 17 वर्षीय बेटी सुरेखा देवी के साथ घर से शौच के लिए निकली थी। रास्ते में हैंडपंप से पानी भरने के दौरान पड़ोसी विंदेश्वरी अपने भाई बचान के साथ आया और पुरानी रंजिश को लेकर तमंचे से गोली मार दिया।
त्वरित न्यायालय प्रथम विष्णु देव सिंह की अदालत ने किशोरी की हत्या के दोषी सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। करारी कोतवाली के गुलामीपुर गांव निवासी रामधीरज पासी की पत्नी सुनीता देवी अपने 17 वर्षीय बेटी सुरेखा देवी के साथ घर से शौच के लिए निकली थी। रास्ते में हैंडपंप से पानी भरने के दौरान पड़ोसी विंदेश्वरी अपने भाई बचान के साथ आया और पुरानी रंजिश को लेकर तमंचे से गोली मार दिया।
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गोली लगते ही बेटी सुरेखा जमीन पर गिरकर तड़पने लगे। जबकि, मां सुनीता दहशत में बेहोश होकर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देकर आरोपी सगे भाई धमकी देते हुए भाग निकले। चीखपुकार सुन जुटे परिजन और पड़ोसी जख्मी सुरेखा को इलाज के लिए ले जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि उसकी सांसें थम गईं।
मामले में मृतका की मां सुनीता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा त्वरित न्यायालय प्रथम विष्णु देव सिंह की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार मिश्रा ने वादी समेत 6 गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बुधवार को कोर्ट ने आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए अपना फैसला सुना दिया।