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दहशत : ड्रोन की मदद से खोजा जा रहा तेंदुआ, चौथे दिन भी नहीं लगा सुराग, प्रयागराज की सीमा में घुसने की आशंका

Mon, 05 Feb 2024 11:30 AM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, कौशाम्बी

सार

पिपरी कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर में शुक्रवार की रात देखे गए तेंदुए की तलाश में रविवार देर शाम तक खोजबीन के बाद सोमवार को भी वन दरोगा मोहम्मद रजा और रामप्रकाश ने अपनी टीम के साथ सर्च अभियान चलाया। सैदपुर के साथ ही दुर्गापुर, खभरा गांवों में खोजबीन की गई।
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गंगा के तराई इलाके में देखा गया तेंदुआ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वन विभाग की टीम ने सोमवार को भी यमुना से लगे गांवों और आसपास के जंगल में घंटों खाक छानी, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखा। वन विभाग की टीम ने लोगों को सजग रहने के लिए कहा है। तेंदुए का सुराग न लगने से लोगों में दहशत का माहौल है। जंगलों में ड्रोन की मदद से तेंदुए का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि वह प्रयागराज की सीमा में प्रवेश कर गया है। 

पिपरी कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर में शुक्रवार की रात देखे गए तेंदुए की तलाश में रविवार देर शाम तक खोजबीन के बाद सोमवार को भी वन दरोगा मोहम्मद रजा और रामप्रकाश ने अपनी टीम के साथ सर्च अभियान चलाया। सैदपुर के साथ ही दुर्गापुर, खभरा गांवों में खोजबीन की गई। तीन घंटे तक वन कर्मी तराई के जंगल, झाड़ियों की खाक छानते रहे।

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दरोगा रामप्रकाश ने बताया कि बालू घाट पर रात-दिन वाहनों और मजदूरों का आवागमन होता है। इसके कारण तेंदुए के पदचिह्न नहीं मिले। ग्रामीणों को गांव के बाहर अकेले न जाने, सूरज ढलने के बाद खेत-खलिहान की ओर जाने से बचने के लिए कहा गया है। तलाशी अभियान चलाने वाली टीम में इश्तियाक अहमद, जवाहरलाल, ठाकुरदीन, मोतीलाल, संदीप कुमार, जगदीश आदि शामिल रहे।

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तेंदुए के प्रयागराज क्षेत्र में आने के आसार

वन दरोगा राम प्रकाश ने बताया कि सैदपुर गांव के पास यमुना नदी की बीच धारा में कई किलोमीटर लंबा जंगल है। यह इलाका प्रयागराज से लगता है। हो सकता है कि सैदपुर से निकलकर तेंदुआ इस जंगल में जाकर छिप गया हो।

तेंदुआ की दस्तक से दहशत में ग्रामीण

सैदपुर के रोहित निषाद और ज्ञानचंद्र ने बताया कि रात में फसलों की सुरक्षा के लिए किसान खेतों में रहते हैं लेकिन तेंदुए के डर से खेतों की तरफ जाने से कतरा रहे हैं। खभरा के जितेंद्र यादव, आकाश का कहना है कि प्रतिदिन गांव के लोग मवेशी चराने तराई में जाते हैं। तेंदुए की दस्तक के बाद मवेशी छोड़े नहीं जा रहे हैं।

नहीं ली गई ड्रोन कैमरे की मदद

सैदपुर के विनोद, देशराज, दुर्गापुर के रावेंद्र, रामजतन ने कहा कि इस सर्च अभियान में वन विभाग का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ड्रोन कैमरों की मदद से खोजबीन की जाती तो सर्च अभियान में और सहूलियत होती लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कर्मचारी सिर्फ कुछ देर खोजबीन और पूछताछ करके लौट गए।

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